-संघर्षमय जीवन समूचे मानवता के लिए प्रेरणा स्त्रोत थे बाबा साहेब: रघुनदंन भारद्वाज
गाजियाबाद। संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की 131वीं जंयती को भाजपा नेता एवं गगन एंकलेव आरडब्लूए अध्यक्ष रघुनदंन भारद्वाज द्वारा कविनगर में समरसता दिवस के रूप में मनाया गया। इस दौरान भंडारे का आयोजन किया गया। इससे पूर्व बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। रघुनंदन भारद्वाज ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क्रियाकलाप भीमराव अंबेडकर एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शों का अनुसरण करते हैं। उन्होंने कहा बाबा साहब के बताए मार्गों पर चलकर राष्ट्र को आगे बढ़ाया जा सकता है। बाबा साहब ने शिक्षित बनो, संगठित रहो व संघर्ष करो के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा था कि जब पूरा समाज शिक्षित होगा, तभी राष्ट्र विकसित होगा। भारतीय समाज के विकास में बाबा साहेब की ओर से डाले गए कीमती योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

बाबा साहेब ने जहां अपने जीवन में सामाजिक मुश्किलों का डट कर सामना किया वहीं सामाजिक न्याय के सिद्धांत का दुनिया भर में प्रसार किया। जबकि गरीबी और पक्षपात से मुक्त देश की कल्पना करते भारत निवासियों के लिए ऐसे संविधान का निर्माण किया। बाबा साहब की ओर से किए गए संघर्ष, दलितों, पिछड़ोंं व समाज के उत्थान को लेकर किए गए कार्यों एवं योगदान को याद करते हुए उनके सपनों का भारत बनाने तथा समाज को राष्ट्र के विकास की मुख्यधारा में जोडऩे का आह्वान किया। देश संविधान की बदोलत मजबूत है। उन्होंने संविधान की रक्षा करने, संविधान के अनुसार चलकर देश को मजबूत करने व राष्ट्र के विकास में भागीदार बनने की बात कही। इस दौरान योगेश त्यागी, अनुज त्यागी, अमित शर्मा, अनिता रानी, मनोज जैन, गोपालदास अग्रवाज, अरंविद शर्मा, डॉ राजीव तिवारी, सोनी चटवाल समेत सैकड़ो लोग मौजूद रहे।
















