शहर को कचरा मुक्त बनाने की नगर निगम की मुहिम सफल

-काम आ रहा देश का पहला डिसेंट्रलाइज मिनी वेस्ट एनर्जी प्लांट

गाजियाबाद। शहर में देश का पहला डिसेंट्रलाइज मिनी वेस्ट एनर्जी प्लांट बखूवी संचालित किया जा रहा है। इसका श्रेय नगर निगम को मिल रहा है। नगर निगम ने ट्रिपल पी मॉडल के आधार पर गार्बेज फैक्ट्री की स्थापना की थी। वहां पृथक्करण पद्धति का इस्तेमाल कर कूड़ा-करकट का प्रोसेस किया जाता है। इससे खाद तैयार होती है। कचरे को रि-साईकिल कर आरडीएफ  बनता है। नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि गाजियाबाद शहर को कचरा मुक्त करने की मुहिम जोरों पर चल रही है। इसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं। शहर को ना सिर्फ कचरा मुक्त किया गया है बल्कि शहरहित में कचरे का उचित इस्तेमाल भी किया जा रहा है।

कचरे को रि-साईकिल कर इस्तेमाल में लाया जाता है। कचरे से खाद बनाई गई है तथा आरडीएफ के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए नगर निगम के ट्रिपल पी पार्टनर रोज इंडिया-वेस्ट मैनेजमेंट तथा जीरोन इंजीनियरिंग ने मिलकर छोटा वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की स्थापना की, जिसमें आरडीएफसी एनर्जी बनाने का कार्य सफलतापूर्वक किया गया। यह औद्योगिक क्षेत्र में इस्तेमाल में लाई जाएगी, जिसमें बड़ी मात्रा में आरडीएफ का निस्तारण किया गया। जबकि उक्त के निस्तारण में नगर निगम का कोई भी व्यय नहीं हुआ है।

नगरायुक्त तंवर ने बताया कि इस प्रकार के प्रोजेक्ट से भारत में वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर एक नई क्रांति आएगी।
रोज इंडिया वेस्ट मैनेजमेंट के प्रबंधक अंकित अग्रवाल ने बताया कि नगर निगम की ट्रिपल पी मॉडल के अनुसार आरडीएफ का निस्तारण शहर हित में किया जा रहा है। जिसे प्रोसेस वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के तहत किया गया है। प्लांट में 75 टन आरडीएफ  प्रतिदिन प्रोसेस किया जाएगा, जिससे औद्योगिक क्षेत्र के लिए एनर्जी बनाए जाने की योजना है। इस प्रकार के छोटे प्लांट को लगाने में 5 से 6 माह लग जाते हैं तथा बड़ा प्लांट लगाने में 3 से 5 साल लगते हैं।

अंकित अग्रवाल के मुताबिक इस प्रकार के प्लांट यदि प्रत्येक शहर में बनाए जाएं तो शहर के लिए कचरे का प्रोसेस कर निस्तारण बेहतर किया जा सके। महापौर आशा शर्मा तथा नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर के प्रयासों से शहर को प्रदूषण मुक्त करने की कार्रवाई में जनहित के लिए बेहतर कार्य किया गया है। साथ ही कचरे को प्रोसेस कर अन्य उपयोग में भी लाया गया है, जिससे कहीं ना कहीं निगम को लाभ मिला है।