मंदिर पहुंचकर एसडीएम ने महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद से लिया ज्ञापन

गाजियाबाद। मोहम्मद पैगंबर के खिलाफ भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा द्वारा दिए गए बयान के बाद जारी विवाद रूकने नहीं पा रहे है। यह भी अजीब इत्तेफाक है कि सोमवार को एसडीएम सदर विनय कुमार सिंह खुद ही डासना मंदिर में पहुंचे और जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद सरस्वती से उन्होंने ज्ञापन लिया। दरअसल, नुपुर शर्मा के बयान के बाद हुए कई शहरों में बवाल होने पर इनके समर्थन में डासना शिवशक्ति धाम के महंत एवं श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद सरस्वती ने दिल्ली की जामा मस्जिद में कुरान और इस्लाम की पुस्तकें लेकर जाने का ऐलान किया था। इस पर जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर एसडीएम सदर विनय कुमार सिंह ने इन्हें नोटिस जारी किया था। एसडीएम ने यति नरसिंहानंद को 11 बजे कोर्ट में तलब होने के लिए नोटिस भेजा था। लेकिन सोमवार को एसडीएम विनय सिंह निर्धारित समय से पहले ही डासना देवी मंदिर पहुंच गए। वहां उन्होंने यति नरसिंहा सरस्वती से वार्ता की और शपथ पत्र भी लिया।

यति नरसिंहानंद सरस्वती ने बताया कि उनकी सुरक्षा का हवाला देकर एसडीएम खुद उनके पास आए थे, जबकि वह कोर्ट जाने की तैयारी कर चुके थे। एसडीएम को अपना शपथ पत्र सौंपा और अपनी बात रखते हुए कहा कि इस्लाम में लिखित पुस्तकों के पढऩे से सिद्घ हो जाएगा कि नुपुर शर्मा ने जो कहा था वह झूठ या गलत नहीं है। कोर्ट में यह मुकदमा चलाया जाए और अगर वह गलत साबित हो तो उन्हें फांसी की सजा दी जाए। वहीं,नुपुर शर्मा की बात सच निकलती है तो इस बात पर देश भर में दंगा फैलाने वाले दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि देश को निशाना बनाकर उसे दंगे की आग में झोंकने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान एसडीएम सदर को यति नरसिंहानंद सरस्वती द्वारा अली सीना द्वारा रचित अंडर स्टैंडिंग मोहम्मद सहित अनेक पुस्तकें भी दी गई।