गाजियाबाद में फ्लैटों की रजिस्ट्री में खेल, स्टाम्प चोरी मिलने के बाद होगी कार्रवाई

गाजियाबाद। बिल्डरों द्वारा विकसित हाउसिंग सोसाइटी में फ्लैटों की रजिस्ट्री में डेढ़ करोड़ रुपए की स्टाम्प चोरी का खेल पकड़ा गया है। निबंधन विभाग द्वारा जांच कराए जाने पर 14 रजिस्ट्री में यह गोल-माल सामने आया है। आरोपियों के विरूद्ध अब रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी चल रही है। रजिस्ट्री में स्टाम्प चोरी के मामले आए दिन प्रकाश में आते रहते हैं। 35 बैनामों में इस्तेमाल स्टाम्प की जांच में सच्चाई का पता चला है।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विवेक श्रीवास्तव के मुताबिक 14 रजिस्ट्री में लगभग डेढ़ करोड़ रुपए की स्टाम्प चोरी पकड़ी गई है। इंदिरापुरम, राजेंद्र नगर व कविनगर में संपत्ति की रजिस्ट्री कराने में कम शुल्क का स्टाम्प लगाया गया था। एडीएम ने बताया कि सबसे ज्यादा गड़बड़ी इंदिरापुरम में सामने आई है। यह सभी बैनामे एक साल के अंदर के हैं। सभी को पहले नोटिस भेजा गया। जवाब नहीं देने कम का स्टांप लगाने पर वाद दर्ज करा दिया गया है। वहीं, वसुंधरा की 16 सोसायटियों में 250 से अधिक फ्लैट ऐसे हैं, जहां पर अब तक रजिस्ट्री नहीं की गई है, लेकिन फ्लैट खरीदने वालों को उस पर कब्जा दे दिया गया। ऐसे में स्टांप एवं पंजीयन विभाग को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इस संबंध में अब जल्द ही एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। ताकि खरीदारों के फ्लैट की रजिस्ट्री हो सके।

स्टांप एवं पंजीयन विभाग द्वारा रजिस्ट्री न कराए जाने के मामले में संज्ञान लेते हुए सोसायटियों के अध्यक्ष को कई बार नोटिस भेजे गए, इसके बाद कुछ ही फ्लैटों की ही रजिस्ट्री कराई गई है, ज्यादातर खरीदार बिना रजिस्ट्री के ही फ्लैट में कब्जा ले चुके हैं।सोसायटियों के अध्यक्ष और बिल्डर द्वारा फ्लैटों की रजिस्ट्री आवंटियों के पक्ष में न किए जाने की शिकायत शासन स्तर पर की गई, इस मामले में जांच के लिए 7 सदस्यों की एक कमेटी गठित की गई है। हाल ही में लखनऊ से जांच टीम ने वसुंधरा पहुंचकर मामले की जानकारी ली थी, जांच रिपोर्ट अभी तैयार की जा रही है।खरीदारों द्वारा की गई शिकायत में बताया गया है कि फ्लैट की रजिस्ट्री न होने के कारण उनको लोन नहीं मिल पाता है। संपत्ति उनके नाम होने से कानूनी रूप से उनको संपत्ति का मालिकाना हक प्राप्त नहीं हो पाता है। इसके अलावा भी कई प्रकार की परेशानी होती है। ऐसे में उन्होंने कार्रवाई की मांग की है।

एडीएम वित्त एवं राजस्व विवेक श्रीवास्तव ने कहा कि जिन 16 सोसायटियों में फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं की गई है, उनको पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे। अब सब रजिस्ट्रार को निर्देश दिए गए हैं कि वह संबंधित के साथ बैठक कर लें, यदि फ्लैट की रजिस्ट्री कराने के लिए क्रेता और विक्रेता पक्ष तैयार न हो तो संबंधित के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाए। एडीएम ने बताया कि स्टांप चोरी करने वालों से डेढ़ प्रतिशत ब्याज के साथ शुल्क वसूला जाएगा। शुल्क जमा नहीं करने पर संपत्ति को सील करने का प्रावधान है।जिले की 20 से अधिक बिल्डर सोसायटियों में करीब 70 फीसदी लोगों ने अपने अपने फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं कराई है। इससे निबंधन विभाग को करीब 200 करोड़ का राजस्व नुकसान हो रहा है। एआईजी स्टांप केके मिश्रा का कहना है कि दो बार पूर्व में नोटिस दिए गए। तीसरी बार अब नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर रजिस्ट्री कराने के लिए कहा गया है। 15 दिन के अंदर रजिस्ट्री नहीं कराने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। वसुंधरा में आवास एवं विकास परिषद की कई सोसायटियों में बिना रजिस्ट्री के लोग रह रहे हैं। बिल्डर को नोटिस देकर रजिस्ट्री कराने के लिए कहा गया है।