शहर में 15 आंगनबाड़ी बनेंगे आदर्श केंद : सीडीओ

-एएनएम द्वारा सैम-मैम बच्चो को किया जाना है चिन्हांकित

गाजियाबाद। शहरी क्षेत्र में नगर निगम एवं जिला उद्योग केंद्र के सहयोग से 10 से 15 आंगनबाड़ी केंद्रों को सुविधा संपन्न किया जाएगा। गुरूवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में मुख्य विकास अधिकारी विक्रमादित्य सिंह मलिक ने जिला पोषण समिति एंव जिला निगरानी समिति,संभव अभियान, आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए। सीडीओ विक्रमादित्य मलिक ने जिला विकास अधिकारी पीएन दीक्षित, जिला कार्यक्रम अधिकारी शशि वाष्र्णेय, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी डॉ.सीमा चौधरी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी रोली सिंह, उपायुक्त राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, गरिमा सिंह मंडल समन्वयक पोषण अभियान आदि अधिकारियों के साथ बैठक की।सीडीओ ने एसीएमओ डॉ.सुनील त्यागी को निर्देशित किया कि एनआरसी में सैम बच्चों के उचित प्रबंधन के लिए केयरटेकर की नियुक्तिएवं बेड खाली न रहने के संबंध प्रभारी चिकित्साधिकारियों को अपने स्तर से निर्देशित करें। इसकी मासिक रूप से समीक्षा करें। एएनएम द्वारा सैम-मैम बच्चो को चिन्हांकित एवं प्रबंधन किया जाना है।

इसकी ट्रेनिंग युनिसेफ द्वारा पूरी की जा चुकी है। ई-कवच पोर्टल पर मई में 299 बच्चे फीड किए गए थे। मगर जून माह में मात्र 57 बच्चों की फीडिंग एएनएम एवं सीएचओ द्वारा की गई है। इसमें सबसे खराब स्थिति शहरी क्षेत्र की एएनएम का रहा है। सीडीओ ने निर्देश देते हुए कहा कि ई-कवच पोर्टल पर नियमित रूप से फीडिंग कराना सुनिश्चित किया जाए। सीडीओ ने संभव कार्यक्रम के तहत बैठक में पाया कि एमएनसीयू एवं केएमसी जिले के चारों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं संजयनगर डीसीएच में स्थापित किए गए है। जिसमें प्रीमैच्योर जन्म एवं जन्म के समय कम वजन के बच्चों का उपचार किया जाता है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को निर्देश दिए कि वह ज्यादा से ज्यादा परिवारों में संदेश पहुंचाएं। बच्चों एवं मां को एमएनसीयू एवं केएमसी में सहयोग प्रदान करें। शहरी क्षेत्र में संचालित बाल विकास परियोजना शहर के अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में 10 से 15 आंगनबाड़ी केंद्रों को आदर्श केंद्र सुविधा संपन्न बनाने को नगर निगम एवं जिला उद्योग केंद्र के सहयोग से कराने के निर्देशित किया।

विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि क्षेत्र के सभी 0 से 05 वर्ष तक के बच्चों की लंबाई और ऊंचाई,वजन कराकर पोषण ट्रैकर पर सूचना फीड कराए। कंवर्जेशन विभागों को निर्देशित किया गया कि शासनादेश के तहत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का अपेक्षित सहयोग प्रदान करना सुनिश्चित करें। संभव अभियान के तहत सभी एएनएम एवं सीएचओ को सैम बच्चों के प्रबंधन के लिए 6 दवाईयां(आयरन सीरप, एमोक्सीसिलीन,फोलिक एसिड,विटामिन ए एवं मल्टाविटामिन) उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र यानी गोद लिए गए केंद्र के संबंध में उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया गोद लिए आंगनबाडी केंद्रों का मासिक निरीक्षण करें। निरीक्षण के समय केंद्रों पर पाई गई कमियों को दूर कराया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों के सैम-मैम बच्चों को कुपोषण मुक्त कराने के लिए प्रयास करें।