सामूहिक विवाह योजना: नगर निगम के सर्वाधिक जोड़ों का हुआ विवाह संपन्न

-शहर के विकास के साथ सामाजिक कार्यों को बखूबी अंजाम दे रहा नगर निगम

गाजियाबाद। नगर निगम जहां शहर की सफाई व्यववस्था, र्सौदर्यकरण, निर्माण एवं प्रकाश कार्यो को बखूबी अंजाम दे रहा है। वहीं अन्य क्षेत्रों में भी अपने दायित्व को बहुत ही सुंदर तरीके से निभा रहा है। मुख्यमंत्री की सामूहिक विवाह योजना में सबसे अधिक जोड़ें नगर निगम से आए हुए थे। जिसका आयोजन खंड विकास लोनी में किया गया। जहां पर नगर पालिका समेत अन्य स्थानों से भी जोड़ों का रजिस्ट्रेशन हुआ था। मगर निगम अपनी समस्त जिम्मेदारियों को तो निभा ही रहा है। बल्कि समस्त दायित्वों का भी अच्छे तरीके से निर्वहन कर रहा है। जिसकी प्रशंसा सामूहिक विवाह समारोह के मंच से उपस्थित जनों ने की।

मेयर आशा शर्मा एवं नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत जनपद में नगर निगम सिटी जोन से 12 जोड़े तथा विजय नगर जोन से 1 जोड़ा, जिसके विवाह के लिए रजिस्ट्रेशन कराकर विधि विद्यान से विवाह संपन्न कराया। कुल 32 जोड़ों का इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन हुआ। जिसमें सर्वाधिक जोड़े नगर निगम सिटी जोन से आए। नगर पालिका तथा ब्लॉक इत्यादि से 2 तथा 3 जोड़े आए। नगर निगम सिटी जोनल प्रभारी गजेंद्र एवं विजयनगर जोनल प्रभारी रामबली पाल के नेतृत्व में आए हुए जोड़ों का सफलतापूर्वक विवाह संपन्न हुआ।

नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार सामूहिक विवाह समारोह में अधिक से अधिक पात्र का रजिस्ट्रेशन कराकर विवाह समारोह संपन्न कराने के लिए जोनल प्रभारियों को निर्देशित किया गया था। जिसको जोनल प्रभारी ने बखूबी अंजाम दिया। नगर आयुक्त ने अपील करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेने के लिए पात्रों को निर्देशानुसार सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ नगर निगम जोनल कार्यालय पर आवेदन करना होगा। सामूहिक विवाह हेतु विधवा की पुत्री, स्वयं विधवा व तलाकशुदा का पुनर्विवाह, दिव्यांगजन अभिभावक की पुत्री, जो स्वयं दिव्यांग हो, को प्राथमिकता दी जाएगी। योजनान्तर्गत कुल 51 हजार की राशि प्रति जोड़े पर व्यय की जाती है। इसमें 35 हजार लड़की के बैंक बचत खाते में स्थानान्तरित की जाती है। विवाह सामग्री के लिए 10 हजार दिए जाते हैं। प्रति जोड़ा भोजन, बिजली-पानी, टेंट की व्यवस्था में 6 हजार व्यय किया जाता है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को आगे बढ़ाने के लिए नगर निगम के अधिकारी अपने कार्यों का ईमानदारी के साथ निर्वहन कर रहे है।