गाजियाबाद। जिला आबकारी विभाग ने गुरुवार को जनपद में ‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान जोर-शोर से चलाया। इसके तहत सभी आबकारी निरीक्षकों ने विभिन्न विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को शपथ दिलाई। छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई।

अपर मुख्य सचिव आबकारी व आबकारी आयुक्त के आदेश तथा जिलाधिकारी गाजियाबाद राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर गुरुवार को जनपद के सभी आबकारी निरीक्षक अखिलेश वर्मा, अशीष पाण्डेय, राकेश त्रिपाठी, त्रिवेणी प्रसाद मौर्य, त्रिभुवन सिंह हयांकी की संयुक्त टीम ने ‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान चलाया।

इससे पूर्व जिला आबकारी कार्यालय पर जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने सभी इंस्पेक्टरों को ‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत शपथ दिलाई। जहां हजारों स्कूली बच्चों ने भी नशे के खिलाफ शपथ लेकर खुद के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को जागरुक करने का संकल्प लिया।

इसके अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय सिहानी -3, एमडीएस हायर सेकेंडरी स्कूल भोवापुर, प्राथमिक विद्यालय राजनगर, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज विजय नगर, न्यू समेकित विद्यालय नूरनगर में आबकारी स्टाफ एवं विद्यालय स्टाफ के साथ छात्र-छात्राओं को शपथ दिलाई गई। आबकारी निरीक्षकों ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि नशे का सेवन कतई न करें। यह शरीर और जिंदगी के हानिकारक है। नशे की लत जिंदगी को बर्बाद कर देती है।

जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले में ‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान जोर-शोर पर चलाया जा रहा है। विभाग का मकसद नई पीढ़ी को नशे से दूर रखना है। विद्यालयों में जाकर आबकारी निरीक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ शपथ दिलाई जा रही है। इसके अच्छे परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। नशे के दुस्प्रभावों से देश की युवा पीढ़ी को बचाने का हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए।

युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है। इस लत के कारण न केवल वह खुद अपना नुकसान कर रहे हैं बल्कि अन्य लोगों को भी परेशानी होती है। नशे के कारण परिवार बिखर रहे हैं। उन्होंने कहा बच्चों को अपने घर पर परिजनों के साथ भी इस विषय पर चर्चा करनी चाहिए। साथ आस-पड़ोस के लोगों को भी नशे के खिलाफ जागरूक करने की कोशिश करें।















