गोवंश के गोबर के दीपक से मनेगी दिवाली

गढ़मुक्तेश्वर। चाइनीज दीपको का बहिष्कार करने और गौशालओं की आय बढ़ाने के लिए क्षेत्र के गांव लड़पुरा के दो युवकों ने गौ सेवा आयोग के निर्देश के बाद गाय के गोबर के दीपक बनवाने का काम कराया जा रहा है जिसमें लगभग 20 महिलाओं को रोजगार के साथ-साथ गोपाल की आय भी बढ़ाई जा रही है गोबर के दीपक से जहां वातावरण शुद्ध होगा वही वैदिक परंपरा से भी जोडऩे का काम किया जाएगा गाय के अंदर करोड़ों देवी देवताओं का वास माना गया है जहां इस बार चाइनीज सामान व दीपक को का बहिष्कार होगा
यहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवाहन पर स्वदेशी को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है और एक नई कुम्हारी कला को बढ़ावा दिया जा रहा है दीपक और मूर्ति बनवाने के काम ताकि पर्यावरण की शुद्धता को बरकरार रखा जा सके क्षेत्र के गांव लडपुरा निवासी नीतीश तोमर और अमरजीत तोमर जिन्होंने गांव सैदपुर में अपना फार्म बनाया हुआ है यह दोनों अपने फार्म पर गाय के गोबर से दिए बनवाने का कार्य कर रहे हैं इसके अलावा दीपक अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव में भी जाएंगे
33 करोड़ दीपकों का निर्माण
नितीश तोमर ने बताया उन्होंने गौ सेवा आयोग के निर्देश के बाद दीपक बनवाने का कार्य शुरू कर दिया है उन्होंने बताया कि 33 करोड़ दीपक बनवाए जाएंगे जो कि 11 करोड लोगों के घरों तक भेजे जाएंगे। हापुड़ जनपद में 5 लाख दीपक बनाने का टारगेट है जिसमें लगभग दो लाख दीपकों का निर्माण नीतीश तोमर और अमरजीत तोमर करा रहे हैं
महिलाओं को रोजगार और गौशालओं को आय का एक स्रोत-
अमरजीत तोमर ने बताया कि कोरोना जैसी मंदी के समय में महिलाओं को रोजगार मिलेगा गाय का गोबर खरीदने पर गौशालओं को एक आय का नया स्रोत मिलेगा जिससे कि गायो को अच्छा चारा मिल सकेगा। प्रदूषण नियंत्रण होगा।