बाईपास में अंडरपास की मांग का आंदोलन

बेमियादी धरना 29 वें दिन भी जारी रहा

मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा

गढ़ुक्तेश्वर।
बाईपास में अंडरपास की मांग को लेकर हो रहे आंदोलन में 29 वें दिन भी ग्रामीणों ने बेमियादी धरने पर बैठकर अपनी अनदेखी पर कड़ा विरोध जताया। भाकियू ने आरपार की लड़ाई लडऩे का संकल्प दोहराया।
सिंभावली क्षेत्र के गांव वैठ के सामने से होकर बनाए जा रहे दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे के बाईपास में क्षेत्र के गांव सिखैड़ा से तीन किलोमीटर दूर अंडरपास दिया जा रहा है। जिससे नाराज चल रहे ग्रामीणों द्वारा किसान संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलन किया जा रहा है, जिन्होंने अपने गांव के पास ही अंडरपास दिलाए जाने की मांग को लेकर शनिवार को लगातार 29 वें दिन भी बेमियादी धरना दिया। नरेंद्र त्यागी, राजपाल, विनोद, सुखबीर, इंतजार, इमरान, अनुज, रामपाल ने संकल्प दोहराते हुए कहा कि जब तक गांव सिखैड़ा के पास अंडरपास दिए जाने की मांग पूरी नहीं की जाएगी, तब तक उनका बेमियादी धरना निरंतर चलता रहेगा। ग्रामीणों ने कहा कि सत्तापक्ष के जन प्रतिनिधियों का नैतिक दायित्व बनता है कि वे ग्रामीणों के साथ मिलकर एनएचएआई समेत तहसील और जिला प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता कर जनहित से जुड़ी इस वाजिब मांग को जल्द से जल्द पूरा कराएं। वहीं ग्रामीणों के आंदोलन में भागीदार चल रही भाकियू भानु के जिलाध्यक्ष पवन हूण, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष सुबीश त्यागी, जिला संयोजक अजय त्यागी, तहसील अध्यक्ष जितेंद्र नागर ने ग्रामीणों को भरोसा दिया कि उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर भाकियू अपना संघर्ष जारी रखेगी। जिलाध्यक्ष पवन हूण ने कहा कि उनके नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को मंडलायुक्त मेरठ के कार्यालय में ज्ञापन देकर गांव सिखैड़ा के ग्रामीणों की अंडरपास वाली वाजिब मांग को जल्द से जल्द पूरा कराने की गुहार लगाई थी, परंतु अगर इसके बाद भी कोई सुनवाई न हो पाती है तो फिर भाकियू बड़ा आंदोलन करने को विवश हो जाएगा।