योग से जुड़ें व जोडऩे का संकल्प लें
उदयभूमि
गाजियाबाद। आर्य समाज एटीएस इंदिरापुरम के तत्वावधान में भव्य वैदिक सत्संग का आयोजन किया गया। प्रान्तीय महामंत्री प्रवीण आर्य ने ओम की ध्वनि व गायत्री मंत्र से सत्संग को प्रारंभ किया ओर कहा कि यज्ञ और योग अपनाने से व्यक्ति का कल्याण होगा। मुख्य वक्ता आचार्या विमलेश बंसल (दर्शानाचार्या) ने कहा कि योग जीवन का अभिन्न अंग है, योग से स्वयं जुड़ें व परिवार को भी जोड़ें। योगमय जीवन कैसे जियें यह जीना सिखाता है। पुराने ऋषि मुनियों ने भी योग के महत्व पर प्रकाश डाला था, अब उसे आत्म सात करने की आवश्यकता है। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि आज अपने बच्चों को संस्कारवान बनाने की आवश्यकता है। साथ ही वह अपनी संस्कृति से भी जुड़े। उन्हें अपने भारतीय संस्कृति के गौरव गान का पता होना ही चाहिए। बिना संस्कारों के व्यक्ति पशु के समान है। चरित्र हीनता, बलात्कार की घटनाएं नैतिक शिक्षा व संस्कारों की कमी के कारण ही है। सभी माता पिता व शिक्षक गण इस समस्या का हल निकालने में सक्षम है आवश्यकता है जमीन पर कार्य करने की तभी समाज का आने वाला भविष्य उज्जवल हो सकता है। अध्यक्षता करते हुए स्वदेशी आयुर्वेद, हरिद्वार के निदेशक डॉ आरके आर्य ने कहा कि वैदिक संस्कृति ही अपनाने से समाज का निर्माण सम्भव है। गायिका संगीता आर्या,दीप्ति सपरा,पुष्पा चुघ,राजश्री यादव, नरेन्द्र आर्य सुमन,नरेश खन्ना आदि ने मधुर भजन प्रस्तुत किये। इस अवसर पर मुख्य रूप से सर्वश्री यजीवीर चौहान, सौरभ गुप्ता, सुमन गुप्ता, ममता चौहान, करुणा चांदना, मुरारी सिंह, ध्रुवा शर्मा, अर्जुन कालड़ा, डॉ राजीव चावला आदि उपस्थित थे।
















