उपश्रमायुक्त कार्यालय में नशामुक्ति हस्ताक्षर अभियान चलाकर लोगों को किया जागरूक
गाजियाबाद। कार्यदायी संस्था भागीरथ सेवा संस्थान द्वारा शुरू किए गए नशा मुक्त अभियान के तहत मंगलवार को लोहिया नगर उपश्रमायुक्त कार्यालय में अधिकारी एवं कर्मचारियों को इसके प्रति जागरूक किया गया, इसमें भारी समर्थन दिया। हस्ताक्षर अभियान में शामिल होकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इसका समर्थन किया। इसके अलावा वहां आये लोगों ने भी नशामुक्ति के समर्थन में हस्ताक्षर कर नशे के खिलाफ लड़ाई लडऩे और देश-समाज को नशा मुक्त करने में अपना योगदान देने की शपथ ली। अभियान की शुरुआत उपश्रमायुक्त राजेश कुमार मिश्रा ने की। राजेश कुमार मिश्रा ने कहा कि नशा स्वास्थ्य के लिए घातक है। 
नशे के सेवन से व्यसनी के परिवार को आर्थिक एवं सामाजिक स्तर पर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शराब इंसान को जानवर बना देती है और भगवान ने हमें इंसान बना कर भेजा है। इंसानियत की भलाई के लिए प्रदेश का नशा मुक्त होना बहुत जरूरी है। उसके बाद सिद्धार्थ मोदियानी सहायक श्रमायुक्त, रामाशीष श्रम प्रवर्धन अधिकारी, जीपी मिश्रा श्रम प्रवर्धन अधिकारी तथा लेबर कमिश्नर कार्यालय में कार्यरत अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने हस्ताक्षर किए और नशे का किसी भी रूप में समर्थन न करने का प्रण लिया। इस दौरान कार्यदायी संस्था भागीरथ सेवा संस्थान के निदेशक अमिताभ शुुकुल एवं संस्था के कई वॉलेंटियर मौजूद रहे। संस्था के वॉलेंटियर्स ने वहां आने वाले लोगों को लीफलेट वितरण कर लोगों को नशे से होने वाले नुकसान से अवगत कराया और आसपास के इलाकों में जागरूकता के लिए पोस्टर चिपकाए। सिद्धार्थ मोदियानी ने कहा कि नशा बहुत बुरी चीज है। इससे हर एक को दूर रहने की जरूरत है। कई लोग शुरूआत में तो शौक के नजरिए से नशा करते हैं, लेकिन बाद में इसकी लत लग जाने पर वह बिना नशे के नहीं रह सकते। नशा इंसान के शरीर और मस्तिष्क के लिए घातक है। नशे की चपेट में आए लोगों की वजह से उनके घरों में भी खराब असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी में कई लोग नशे की गर्त में डूबते जा रहे हैं। उन्हें नशे के दुष्परिणाम के बारे में जागरूक कर सही रास्ते पर लाने की जरूरत है। निदेशक अमिताभ शुकुुल ने कहा कि कई लोग शराब, तंबाकू, सिगरेट इत्यादि का नशा करते हैं। कई शराब की गंध से पकड़े जाने के डर के कारण कई तरह के ड्रग का इस्तेमाल करते हैं। जो इंसान की जिंदगी के साथ साथ परिवार भी तबाह कर देते हैं। नशा पैसा खर्च कर स्वयं व अपने परिवार के लिए मुसीबतें लाना है। इससे लोगों को स्वयं भी दूर रहना चाहिए और दूसरों को भी इसका सेवन करने से रोक कर सही रास्ते पर लाने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए। नशामुक्ति के समर्थन में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार और समाज कल्याण विभाग एवं कार्यदायी संस्था भागीरथ सेवा संस्थान द्वारा चलाए जा रहे अभियान से जुड़कर अभियान को सफल बनाने का भरोसा दिलाया।















