बरेली। कोविड 19 महामारी के दौरान शासन द्वारा जारी शासनादेश संख्या 604/68-3-2020 बेसिक शिक्षा अनुभाग -3, 28 जुलाई 2020 में बिंदु संख्या 2(1) में साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि शासनादेश संख्या 435(1) 79-6-10, 24 अप्रैल 2010 के प्रस्तर -6 में की गई व्यवस्था रसोईयों की संख्या का पुन: निर्धारण का कार्य महामारी की वजह से वर्तमान वित्तीय वर्ष (2020-21) के लिए स्थगित रखा गया है।
उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि शासनादेश का आज खुला उल्लंघन किया जा रहा है। जिसको लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन भी दिया है। विनोद शर्मा का कहना है कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र संख्या/15646-ष्ट /2020-21 में जिले के सभी विकास खंड में शासनादेश का उल्लंघन किया जा रहा है। विद्यालयों में रसोईयों का मानदेय और पुन: निर्धारण किया जा रहा है। जबकि रसोईयों का आपके द्वारा सत्र 2020-21 में अप्रैल एवं जुलाई का भुगतान भी किया जा चुका है। वहीं कुछ विकास खंड में महामारी के दौरान जारी शासनादेश को दरकिनार करते हुए रसोईयों का पुन: निर्धारण करते हुए अप्रैल व जुलाई 2020 का रसोइया मानदेय उनके खातों में भेज दिया गया है। उन्होंने मांग की है कि महामारी के दौरान संविलिमन विद्यालयों में किए जा रहे पुन: निर्धारण की प्रक्रिया को सत्र 2020-21 के लिए स्थगित किया जाए। अन्यथा कार्यरत् रसोईया सुप्रीम कोर्ट की शरण में जाने को बाध्य होंगे। जिसकी जिम्मेदारी आपकी होगी। मांग करने वालों में संजय कुमार जायसवाल, नफीस खान भी शामिल हैं।















