घूकना में बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा खंडित, लोगों ने किया हंगामा

गाजियाबाद। नंदग्राम थाना क्षेत्र के घूकना में टेंपो स्टैंड पर शरारती तत्वों ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा खंडित कर दी। बुधवार की सुबह स्थानीय लोगों ने इसे देखने पर हंगामा कर दिया। मौके पर स्थानीय लोग जुट गए। पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर मौके पर एसीपी नंदग्राम रवि कुमार सिंह, नंदग्राम थाना प्रभारी निरीक्षक धर्मपाल सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। एसीपी ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। मगर वह नई मूर्ति लगाने की मांग करने लगे।  पुलिस ने टेंपो स्टैंड के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी। इसके बाद मामले में थाना नंदग्राम पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। अन्य आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। गाजियाबाद पुलिस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है।

डॉ. भीमराव आंबेडकर के बारे में आपत्तिजनक बातें भी कहीं गईं। उसके बाद उनकी प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। लोगों के हंगामे के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर नई मूर्ति लगाई है। वायरल वीडियो पर पुलिस समय रहते कार्रवाई कर देती तो शायद यह घटना नहीं होती। वहीं, बसपा नेता कुलदीप कुमार ओके समेत कई लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपर नगर मजिस्ट्रेट निखिल चक्रवर्ती को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने शरारती तत्वों पर कार्रवाई करने की मांग की गई। वहीं, प्रतिमा तोडऩे के बाद आक्रोशित लोगों ने हंगामा करते हुए बाबा साहेब की मूर्ति को क्षतिग्रस्त करने वाले अभियुक्तों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

एसीपी नंदग्राम रवि कुमार सिंह ने लोगों को शांत किया। कमलेंद्र गौतम निवासी 2502 नई बस्ती भट्टा रोड घूकना की तहरीर पर थाने में शिवम पुत्र दवेंद्र निवासी केक फैक्ट्री घूकना मोड़,गोनी व कृष्ण आदि के खिलाफ आपराधिक धारा-295,34 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने नई प्रतिमा लगवा दी है। एसीपी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज करने के बाद नामजद अभियुक्तों में से दो को गिरफ्तार कर लिया गया है।अन्य की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई हैं। इस पूरे घटनाक्रम में नंदग्राम थाना पुलिस की लापरवाही सामने आई है। दो दिन पहले ही आरोपियों का एक वीडियो सामने आया था। जिसमें आरोपी डॉ.भीमराव आंबेडकर के बारे में आपत्तिजनक बाते कह रहे थे। इस वीडियो को कितने ही लोग देख चुके थे। मगर पुलिस ने वीडियो का कोई संज्ञान नहीं लिया। आरोपियों के हौसले बढ़ गए और उन्होनें प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया।