गौतमबुद्ध नगर। लोगों के स्वास्थ्य को लेकर आबकारी विभाग कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है। आबकारी विभाग ने एक्सपायरी हो चुकी करोड़ों की बीयर पर रोड रोलर चलाकर नष्ट कर दिया। जिससे कंपनी द्वारा उसका दुरुपयोग न किया जा सकें। आबकारी विभाग हमेशा से ही लोगों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर रहा है। इसलिए अवैध शराब के खिलाफ कार्यवाही के साथ-साथ लोगों के बीच जागरुकता अभियान चलाता रहता है। जिससे लोग अवैध शराब के सेवन से बच सकें। आबकारी आयुक्त डा. सेंथिल पांडियन सी. के निर्देशानुसार जिला अधिकारी मनीष वर्मा के आदेश पर गठित संयुक्त समिति जिसमें उप आबकारी आयुक्त मेरठ मंडल मेरठ आरके शर्मा, उपजिलाधिकारी सदर वेद प्रकाश पाण्डेय, जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय की टीम ने शुक्रवार सुबह यूनाइटेड ब्रेवरीज लिमिटेड के गोदाम पर वर्ष 2019-20 की सेल्फ लाइफ खत्म हो चुकी ड्यूटी पेड बियर एवं विदेशी मदिरा का वीडियो ग्राफी कराते हुए विनष्टीकरण की कार्यवाही की।
यह कार्यवाही सुबह से शुरू होकर रात करीब 12 बजे तक चलती रही। विनिष्ट किए गए मॉल में मेसर्स बी-9 लिमिटेड बीडब्लूएफएल-2बी अनुज्ञापन स्थित ब्रांड बीरा लाइट बियर की 316 पेटिया, मेसर्स यूनाइटेड बेवरेज लिमिटेड (एम.एच.) अनुज्ञापन स्थित ब्रांड किंगफिशर अल्ट्रा एवं हैनीकेंन की 5955 पेटियां, हल्दौनी मोड़ अनुज्ञापन की 122 पेटियां, मेसर्स यूनाइटेड बेवरेज लिमिटेड (हरियाणा) अनुज्ञापन स्थित ब्रांड किंगफिशर एक्सीलेंट लेजर बियर की 478 पेटियां, कुलबीर सिंह थोक अनुज्ञापन स्थित ब्रांड बड वाइजर सुपर प्रीमियम बियर के 64 कैग शामिल थे। विनष्टीकरण कराए गए बीयर की कीमत करीब दो करोड़ रुपये है।
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया 2019-20 की सेल्फ लाइफ खत्म हो चुकी ड्यूटी पेड बियर का एक्साइज ड्यूटी वसूलने के बाद विनष्टीकरण की कार्यवाही की गई। दरअसल बियर में एक्सपायरी डेट डली होती है, अधिकतर ग्राहकों को यह बात मालूम नहीं होती। यह गोदाम में रखा हुआ माल था जो कि दुकानों में नहीं गया और यह एक्सपायर हो गया था। जिसके लिए डीएम द्वारा तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया। उन्होंने कहा बीयर की बोतल या फिर कैन खोलने से पहले एक्सपायरी डेट जरुर चेक कर लें। क्योंकि शराब के मुकाबले में बीयर पर एक्सपायरी की अवधि कम होती है। बिना एक्सपायरी चेक किए शराब पीना आपकी सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकता है।
आबकारी विभाग लगातार लाइसेंसी शराब की दुकानों पर चेकिंग करता रहता है और साथ ही यह भी सुनिश्चित करता है कोई विक्रेता बाहरी राज्यों या फिर एक्सपायरी शराब या बीयर तो नहीं बेच रहा है। आबकारी विभाग का काम शराब तस्करों पर कार्यवाही करना ही नहीं है। बल्कि लोगों को बाहरी राज्यों की शराब के सेवन से बचाना भी है। क्योंकि बाहरी राज्यों की शराब का कोई मानक नहीं होता है। लोग भी सस्ते के लालच में बाहरी राज्यों की शराब का सेवन कर अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर लेते है। जिसका परिणाम उन्हें बाद में भुगतना पड़ता है। अगर शराब के इच्छुक है तो उत्तर प्रदेश की लाइसेंसी दुकान से ही शराब का सेवन करें। आबकारी विभाग भी लगातार लोगों के बीच जाकर अवैध शराब के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रहा है। जिससे आप लोग जागरूक हो सकें।



















