-कवि नगर जोन में अभियान चलाकर सवा लाख रुपये का वसूला जुर्माना
-वायु गुणवत्ता सुधार एवं स्वच्छ पर्यावरण का आधार बनाने में जुटा निगम: नगर आयुक्त
गाजियाबाद। सिंगल यूज पॉलिथीन का प्रयोग प्रतिबंधित है। नगर निगम द्वारा पॉलिथीन के चलन पर अंकुश के लिए जागरुकता अभियान चलाए जाते रहे हैं। इसके बावजूद निगम क्षेत्र में प्रतिबंधित पॉलिथीन उत्पादों का प्रयोग धड़ल्ले से हो रहा है। लोगों को सिंगल यूज पॉलिथीन से उत्पन्न कचरा से होने वाली हानियों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। लेकिन महानगर में सिंगल यूज पॉलिथीन के चलन पर प्रभावी रोक लगना तो दूर इसका चलन और ज्यादा बढ़ गया है। यही कारण है कि निगम प्रशासन द्वारा सिंगल यूज पॉलिथीन के उत्पादों की बिक्री व भंडारण करने वालों पर प्रवर्तन व जुर्माना निर्धारण की कार्रवाई भी तेज कर दी है। इसके साथ ही पर्यावरण को दूषित करने वाले तंदूरों पर भी कार्रवाई तेज कर दी है।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश अनुसार लगातार पॉलिथीन मुक्त अभियान तेजी से चल रहा है। गुरुवार को कवि नगर जोन अंतर्गत प्रतिबंधित प्लास्टिक के विरुद्ध अभियान चलाया गया। वहीं अवैध रूप से चल रहे तंदूर को भी बंद कराया गया है। वायु गुणवत्ता सुधार एवं स्वच्छ पर्यावरण बनाने के लिए नगर निगम ने अपनी कार्ययोजना तैयार कर कार्रवाई तेज कर दी है। गौरतलब हो कि पॉलीथिन के इस्तेमाल पर जुर्माने के साथ साथ जेल की सजा का भी प्रावधान है। अगर कोई व्यापारी पकड़ा जाता है, तो उसे 5 साल की सजा या जुर्माने की राशि के साथ सजा देने का प्रावधान कर दिया है। कवि नगर जोन अंतर्गत सी ब्लॉक मार्केट, बी ब्लॉक मार्केट कवि नगर, संजय नगर सेक्टर-23, गोविंदपुरम मार्केट एरिया एवं राजनगर सेक्टर-9 मे पॉलिथीन मुक्त अभियान चलाया गया।
मार्केट एरिया में चल रहे तंदूर को भी बंद कराया गया। कार्यवाही के तहत लगभग 1 लाख 30 हजार रुपये का जुर्माना भी वसूल किया गया। शहर वासियों एवं दुकानदारों को पॉलिथीन का उपयोग न करने की अपील की गई है। अभियान के दौरान मौके पर प्रवर्तन दल टीम, स्वास्थ्य विभाग की टीम और जोन की टीम भी उपस्थित रही। नगर आयुक्त ने शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के साथ-साथ पर्यावरण को भी स्वच्छ बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। प्रतिबंधित प्लास्टिक का बहिष्कार करने के लिए नगर निगम जन-जन को जागरूक कर रहा है और तंदूर में अन्य ऐसे संसाधन जिससे वायु गुणवत्ता प्रभावित होती है उन पर भी तत्काल अंकुश लगाने का भी कार्य किया जा रहा है।

















