मिलजुल कर करें जल संरक्षण नहीं तो जल संकट बन सकता है महा संकट: डीएम

-तेजी से गिरते भूजल स्तर के प्रति सभी का संवेदनशील होना अनिवार्य
-नियमों के विरुद्ध कार्य करने वालों पर की जाएगी दण्डात्मक कार्यवाही
-अवैध आरओ प्लांट सील करने के निर्देश, 2-2 लाख रुपये का लगाया जुर्माना

उदय भूमि
गाजियाबाद। तेजी से गिरता भूजल स्तर विश्व की चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में भूजल संरक्षण और संवर्धन के प्रति आम आदमी कितना गंभीर है, यह महत्वपूर्ण है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट के महात्मा गांधी सभागार में डीएम इन्द्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद व भूजल सप्ताह की जनपद स्तरीय बैठक हुई। प्रथम बैठक जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद की हुई। जिसमें पोर्टल पर नोटिफाइड क्षेत्र के अनापत्ति निर्गमन के लिए 1 आवेदन, कूप पंजीकरण के लिए 23 आवेदन, एवं एनओसी नवीनीकरण श्रेणी के 14 आवेदनों सहित कुल 38 आवेदनों पर विचार किया गया। जिनमें से 24 आवेदन अस्वीकृत एवं 14 आवेदनों पर रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना उपरांत आवेदनों की स्वीकृति पर विचार किया जायेगा।

बैठक में पूर्व से एनओसी प्राप्त फर्मों के द्वारा एनओसी की शर्तों का पालन न करने के कारण बोरवेल को सील्ड करने के आदेश दिए गए एवं अवैध रूप से भूजल दोहन करने वाली 34 आरओ सेटर एवं 13 धुलाई/सर्विस सेंटरों पर बोरवेल सील्ड करने एवं प्रत्येक पर 2-2 लाख का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया। द्वितीय बैठक जनपद स्तरीय भूजल सप्ताह की हुई। जिसमें डीएम ने भूजल सप्ताह के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग को प्राथमिक स्कूलो में चित्रकला एवं स्लोगन राईटिंग प्रतियोगिता कराने, जिला विद्यालय निरीक्षक को माध्यमिक विद्यालय स्तर पर भाषण प्रतियोगिता कराना, वानिकी विभाग अधिकारी को व्यापक स्तर वृक्षा रोपण कार्य कराने, सिंचाई विभाग/उद्यान विभाग को जल संरक्षण के लिए होर्डिग बैनर्स आदि का प्रर्दशन कराने, जिला पंचायत राज अधिकारी को विकास खण्ड स्तर पर रिचार्ज रेन वाटर हार्वेस्टिंग बनवाने, नेहरू युवा केन्द्र अधिकारी को एनजीओ द्वारा पेंटिग बैनर पोस्टर्स आदि, समस्त अधिशासी अधिकारी नगरपालिका/नगर पंचायत को गोष्ठी पोस्टर्स, होर्डिग बैनर आदि द्वारा जन जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

डीएम ने कहा जनता में जागरूकता लाएं की जल की एक-एक बुंद कितनी महत्वपूर्ण हैं। यदि आज हम जल संरक्षण नहीं कर पाए तो आने वाली पीढिय़ों के लिए जल संकट-महा संकट बन जायेगा। गाजियाबाद शहर में भूजल स्तर बहुत तेजी से साथ गिरता जा रहा है हम सभी को उसके प्रति संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमों के विरुद्ध कार्य करने वालों पर दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी। बैठक में सीडीओ अभिनव गोपाल, प्रदीप कुमार द्विवेदी जिला पंचायत राज अधिकारी, हरिओम, अधिशासी अभियन्ता, लघु सिंचाई, गाजियाबाद/ नोडल अधिकारी, ग्रा0वा0पोर्टल, विकास यादव, सहायक आयुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र, गाजियाबाद, रामदत्त, सहायक अभियन्ता, जल निगम ग्रामीण, श्री कुंवर सन्तोष कुमार, सहायक पर्यावरण अभियन्ता, उ0प्र0प्र0नि0बो0, केपी आनन्द, नगर निगम जीएमजल, निधि सिंह, जिला उद्यान अधिकारी, नवनीत गुप्ता, जूनियर इंजीनियर, जल, एनपीपी खोड़ा और लोनी द्वारा प्रतिभाग लिया गया।