गाजियाबाद। मकान को बेचने के बाद फर्जी तरीके से बैंक से तीन बार 69 लाख रुपए का लोन लेकर हड़पने वाली 4 साल से फरार चल रही 25 हजार रुपए की इनामी शातिर महिला को क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया है। मामले में कौशांबी थाने में वर्ष-2020 में मुकदमा दर्ज किया गया था। महिला की गिरफ्तारी के लिए डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल ने 28 सितंबर 2023 को 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। एडीसीपी क्राइम सच्चिदानंद ने बताया कि क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दीकी ने टीम के साथ फर्जीवाड़े केस में फरार चल रही महिला संतोष सचान पत्नी राकेश सचान निवासी सी-284 स्वर्णजयंतीपुरम एवं वर्तमान पता मकान नंबर-215 सेक्टर-9 चिरंजीव विहार को अंसल प्लाजा चिरंजीव विहार से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में महिला संतोष ने बताया कि वह चिरंजीव विहार में कपड़े की दुकान करती हैं,पूर्व में वह संजय नगर सेक्टर-23 में रहती थी। इसका एक प्लॉट स्वर्ण जयंती पुरम में था। जिसे वर्ष-2009 में बेच दिया था। उसके बाद से मकान नंबर-215 सेक्टर-9 चिरंजीव विहार में रहने लगी थी।
बताया कि वर्ष-2018-2019 में शैलेश कुमार पुत्र राम विनोद निवासी एस-5द्वितीय तल कृष्णा आपरा कॉम्प्लेक्स कौशांबी ने बैंक मैनेजर डेबिड दांहगा व संतोष सचान के साथ मिलीभगत करके फर्जी तरीके से नोबल कापरेटिव बैंक लिमिटेड से तीन लोन 35 लाख,27 लाख व 7 लाख रुपए के लिए थे। इसमें संतोष सचान ने गारंटी ली थी। गारंटी में प्रॉपर्टी के कागजात लगाए थे। जबकि यह वर्ष 2009 में बेच चुके थे। इस मामले में 8 नवंबर 2020 को राघव भारद्वाज डिप्टी सीईओ नोबल कॉपरेटिव बैंक लिमिटेड सेक्टर-22 नोएडा गौतमबुद्धनगर ने कौशांबी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में शैलेश कुमार सिंह व बैंक मैनेजर डेबिड दांहगा को पूर्व में पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। संतोष तभी से फरार चल रही थी। पुलिस ने इसे गिरफ्तार कर लिया। इसके खिलाफ कौशांबी थाने में मुकदमा दर्ज है। इसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
















