सीडीओ की अध्यक्षता में एनसीपीसीआर अध्यापकों की वर्कशॉप का आयोजन

-कार्यक्रम में गतिविधि, नीति, प्रशासनिक तंत्र, बाल अधिकारों पर दिए टिप्स
-आरटीआई अधिनियम की धारा 17 और स्कूलों में शारीरिक दंड को खत्म करने के निर्देशों पर हुई चर्चा
-एनसीपीसीआर की प्रतिनिधि डॉक्टर गीता मल्होत्रा ने मनोवैज्ञानिक पहलुओं को किया परिभाषित

गाजियाबाद। दुर्गावती देवी सभागार विकास भवन में शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव गोपाल की अध्यक्षता में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) अध्यापकों की वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत गतिविधि, नीति, प्रशासनिक तंत्र, बाल अधिकारों पर टिप्स दिए गए। कार्यक्रम में सीडीओ अभिनव गोपाल, बीएसए ओपी यादव, कार्यकारी डायट प्राचार्या शाहीन, डाइट मैंटर शिखा, पवन कुमार भाटी, राज्य संसाधन समूह के सदस्य पूनम शर्मा ने भी बिंदुवार टिप्स दिए। कार्यक्रम में बाल अधिकार संरक्षण की गतिविधियों पर गहन जानकारी दी गईं। आरटीआई अधिनियम की धारा 17 और स्कूलों में शारीरिक दंड को खत्म करने के दिशा निर्देशों पर चर्चा कराई गई।

आरटीई अधिनियम 2009 की धारा 17 और स्कूलों में शारीरिक दंड को खत्म करने हेतु जागरूकता कार्यशाला में सभी ब्लॉकों से 24-24 प्रधानाध्यापकों को बुलाया गया था। विद्यालय में जागरूकता अभियान का आयोजन करते हुए छात्र, शिक्षक और अभिभावकों को धारा 17 के प्रावधानों की जानकारी दी गई। राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग संरक्षण की प्रतिनिधि डॉक्टर गीता मल्होत्रा ने मनोवैज्ञानिक पहलुओं को परिभाषित किया। कार्यक्रम में जनपद के 120 प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पूनम शर्मा ने किया। इस अवसर पर एसआरजी विनीता त्यागी, प्रधानाध्यापक मोहम्मद असलम, अंशुमान भारद्वाज, मोहम्मद नसीम, गुरदीप, रविंदर कुमार, धर्मेश जौहर व नीतू सिंह आदि उपस्थित रहे।