क्राइम ब्रांच की टीम ने किया अवैध रिफलिंग का भंडाफोड़, ड्राइवर के साथ मिलकर करते थे गैस चोरी

गाजियाबाद। क्राइम ब्रांच की टीम ने द्रवित पेट्रोलियम गैस के बडे टैंकरों से गैस चोरी कर कमर्शियल सिलेडरों में रिफिलिंग करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए ड्राइवर समेत 6 शातिरों को गिरफ्तार किया है। कैप्सूल ड्राइवरों की मिलीभगत से पिछले दो साल से यह धंधा चला रहे थे। क्राइम ब्रांच की टीम ने छापा मारकर चार कैप्सूल ड्राईवर और दो अवैध रिफलिंग करने वाले दो शातिरों को मौके से दबोच लिया। पुलिस ने मौके से गैस प्लांट से सप्लाई के लिए निकले चार कैप्सूल और भारी मात्रा में भरे और खाली सिलेंडर बरामद किए हैं। एडीसीपी क्राइम सच्चिदानंद ने बताया शनिवार को क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दीकी की टीम ने पाइपलाइन रोड पर लोनी स्थित गैस प्लांटों से निकलने वाले बड़े- बड़े कैप्सूल (टैंकर) में सेंध लगाकर शातिर बड़े स्तर पर अवैध रिफलिंग करते हुए गिरफ्तार किया है।  मौके से हिन्दुस्तान पेट्रोलियम और इंडेन के द्रवित पेट्रोलियम गैस के दो-दो बड़े कैप्सूल (टैंकर) बरामद किए हैं। इसके अलावा विभिन्न कंपनियों के 25 भरे हुए और नौ खाली कमर्शियल गैस सिलेंडर बरामद किए हैं। मौके से दो रिफलिंग मशीन, 10 बड़े पाइप और एक टाटा इंट्रा वी-20 गाड़ी भी बरामद किया है।

एडीसीपी ने बताया आगरा निवासी सुधांशु सिंह पुत्र मान सिंह, इस गोरखधंधे का मास्टर माइंड है। 2012 में ग्रेजुएट होने के बाद सुधांशु ने आगरा की आदित्य गैस सर्विस नाम की एजेंसी से घरेलू सिलेंडरों की होम डिलीवरी का काम शुरू किया था। अवैध रिफलिंग में मास्टर तो सुधांशु वहीं से हो गया था। बाद में उसने हरियाणा के रोहतक में मेहर गैस सर्विस पर काम किया। इस दौरान वह प्लांट से गैस सप्लाई करने वाली कैप्सूल ड्राइवरों की संपर्क में आया और नौकरी छोड़कर अवैध रिफिलिंग के बड़े धंधे में लग गया। लोनी में गैस प्लांट से कैप्सूल लेकर दूर-दूर तक सप्लाई करने वाले ड्राइवरों में सुधांशु की सबसे पहले पुष्पेंद्र और हरप्रीत से मुलाकात हुई थी। पुष्पेंद्र अलीगढ़ का है और हरप्रीत रामपुर जनपद का। दोनों से सुधांशु की डील हो गई कि एक कमर्शियल सिलेंडर एक हजार रुपए में भरा जाएगा। रिफलिंग के लिए ठिकाना फिक्स हो गया पाइपलाइन रोड पर। कल्लू गढ़ी फाटक के पास सुनसान जगह पर रिफलिंग होती और सुधांशु अपने लोगों के साथ सिलेंडर भरवा कर अपने रस्ते हो जाता। कैप्सूल अपने गंतव्य की ओर। इस गोरखधंधे में सुधांशु ने दिल्ली निवासी करण पुत्र नरेश को भी अपने साथ लगा लिया।

करण से उसे दिल्ली में ढाबों और होटलों पर सिलेंडर सप्लाई करने में बड़ी मदद मिली। इससे पहले ही दिल्ली की एजेंसियों से ही दोनों ने मिलकर भारी मात्रा में कमर्शियल सिलेंडर खरीदे। इस सिलेंडर में 19 किलो एलपीजी आती है। ढाबों को एजेंसी से सिलेंडर मिलने में दिक्कत आती है, इन लोगों ने सस्ते में होटल- ढाबों पर डिलीवरी शुरू कर दी। सुधांशु की सप्लाई बढ़ रही थी, अब उसे ज्यादा सिलेंडरों की जरूरत पडऩे लगी। सुधांशु के कहने पर चालक पुष्पेंद्र और हरप्रीत ने उसकी दो और चालकों की मुलाकात कराई। ये दोनों थे रामपुर निवासी बहादुर सिंह और अलीगढ़ निवासी दिनेश पुत्र सुंदर। अब सैटिंग वाले कैप्सूल चालक दो से चार हो चुके थे।

हर एक कैप्सूल से पांच छह सिलेंडर गैस रिफिल किए जाते थे। हर सिलेंडर एक हजार रुपए की आय संबंधित ड्राइवर की हो जाती और सुधांशु इन सिलेंडरों को ढाबों और होटलों पर सप्लाई कर पैसा वसूल लेता। सुधांशु और  उसके साथी करण का धंधा अच्छा चल रहा था। ड्राइवरों की भी बढ़िया कमाई हो रही थी। जिसकी भनक क्राइम ब्रांच की टीम को लग गई और शनिवार तड़के शातिरों को रंगेहाथ पकड़ने के लिए अपना जाल बिछाते हुए पाइपलाइन रोड पर कल्लू गढ़ी फाटक के पास छापा मारकर इस गोरखधंधे का भंडाफोड़ करते हुए गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके से चार ड्राइवर हरप्रीत, पुष्पेंद्र, दिनेश और बहादुर सिंह के साथ ही सुधांशु और करण को भी गिरफ्तार कर लिया।