-
रक्षा बंधन पर्व पर आसपास के जनपदों में सप्लाई होनी थी लाखों को शराब
-
हरियाणा की देशी और अंग्रेजी शराब का कर रहें थे मिश्रण
-
किराए के मकान में हो रही थी शराब को पैकिंग, फर्जी क्यूआर कोड करते थे इस्तेमाल
-
12 लाख की अवैध शराब समेत 4 तस्कर गिरफ्तार
-
देशी एवं 8 पीएम के कुल 2036 अपमिश्रित टेट्रा पैक और हरियाणा लिखित मोटा फ्रेश संतरा के कुल 292 पौवे, एक ड्रम मिलावटी शराब बरामद
(उदय भूमि)
गौतमबुद्ध नगर। जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग की टीम ने एक बार फिर से बड़ी कारवाई करते हुए शराब तस्करों के इरादों को मिट्टी में मिला दिया। सर्व तस्कर अपने निजी हित के लिए लोगो को स्वस्थ से खिलवाड़ करने से भी नहीं चूक रहे थे। आबकारी विभाग की इस कारवाई सरन के शौकीनों की मानो जान बच गई हो, क्योंकि तस्करो द्वारा तैयार को यह शराब उनके स्वस्थ पर किस कदर बुरा प्रभाव डालती यह बताना मुस्किल है। अक्सर लोग सस्ते के चक्कर में इस तरह को शराब का सेवन कर लेते है और इसी का फायदा भी शराब तस्करो को मिल जाता है। जिसके बाद सारा खामियाजा आबकारी विभाग के सिर पर पर फोड़ दिया जाता है।
मगर आबकारी अधिकारी की रणनीति ने तस्करो के सपनो पर पानी फेरते हुए धूल चटा दिया।
पकड़े गए तस्कर उक्त शराब को आसपास के जनपदों के तस्कर और शौकीनों को सप्लाई करने की जुगत में थे। जिसकी पूरी तैयारी भी कर ली गई थी। हरियाणा की सस्ती देशी और अंग्रेजी शराब को लाकर यहां पर उसी शराब का मिश्रण कर दोबारा से पैकिंग कर रहे थे। जिसका मतलब यह था कि आप पेमेंट तो अंग्रेजी का एक रहे है और पी देशी रहें है और शायद तस्करो ने नशा बढ़ने के लिए इसमें कुछ मिला भी दिया हो इसकी भी कोई सभावना नहीं है, जिसके सेवन से इसका बुरा असर आपके शरीर पर पड़ता और जान जाने की भी संभावना बनी हुई थी। इस तरह के शराब के सेवन से लोगों को बचाने के लिए ही आबकारी विभाग की टीम लोगों को जागरूक करती रहती है, जिससे आपका जीवन सुरक्षित रहें।
आबकारी विभाग ने अपनी कारवाई से यह तो साबित कर दिया कि बाहरी राज्यों से होने वाली तस्करी हो या फिर क्षेत्र में अवैध रूप से शराब का निर्माण करने वाले तस्कर हो उनकी जगह समाज में नही जेल में है। गौतमबुद्ध नगर में अवैध रूप से शराब का निर्माण और बिक्री दोनों ही पूरी तरह से प्रतिबंध है।
इंडस्ट्रीज एरिया के बीच में चला रहे थे शराब को फैक्ट्री
शराब तस्करो ने अपने इस अवैध धंधे को चमकाने और पुलिस को नजर से बचाने के लिए इंडस्ट्रीज एरिया के बीच बसी कॉलोनी में मकान किराए पर लिया हुआ था। यही पर हरियाणा की देशी और अंग्रेजी शराब लाकर एकत्रित करते और फिर उसे खाली कर दोनो शराब का मिश्रण करते थे। तस्कर अपनी कमाई के चक्कर में लोगो के जीवन से खिलवाड़ करने से बिल्कुल भी परहेज नहीं कर रहे थे, उन्हें सिर्फ शराब को बेचकर पैसा कमाना था, इसी उद्देश्य के साथ अपने धंधे को चमका रहे थे। मगर आबकारी विभाग को टीम ने धंधा शुरू होने से पहले ही अपना हंटर चला दिया। आबकारी विभाग अपनी कारवाई हमेशा तस्करो को जड़ पर करता है, जिससे भविष्य में फिर इस तरह का धंधा करने से पहले दस पर सोचना पड़े।
देशी अंग्रेजी का तैयार हो रहा था कॉकटेल
शराब तस्कर अधिक कमाई के लिए हरियाणा की सस्ती देशी और अंग्रेजी शराब का आपस में मिश्रण कर उसकी फिर से पैकिंग कर रहें थे, साथ ही शौकीनों को इसका पता न चले उसके लिए उस पर क्यूआरकोड को भी चिपका रहें थे, क्योंकि आबकारी द्वारा चलाई जा रही मुहिम से लोगों में जागरूकता तो बढ़ी है। इसलिए कुछ शौकीन शराब लेने से पहले बारकोड जरूर देखते है। इस लिए तस्करो ने भी उक्त अवैध शराब पर क्यूआरकोड चिपकाया हुआ था। शराब को अधिक नसीला बनाने के लिए किसी तरह का कैमिकल का भी प्रयोग कर रहे थे।
आसपास के जनपदों में सप्लाई करने की थी योजना
रक्षा बंधन पर्व पर अपनी कमाई के लिए हरियाणा की मिश्रित शराब को आसपास के जनपदों में भेजने को जुगत में थे। जिससे उसी शराब को बेच कर अधिक कमाई कर सके, दिन में लाइसेंसी दुकानों से कम रेट और रात होने पर दौगुना महंगे दामों में बेचने को योजना तैयार को हुई थी, लेकिन तस्करों को सारी योजना पर पलभर में आबकारी विभाग की टीम ने पानी फेर दिया।
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया जनपद में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की टीम द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार दोपहर सूचना मिली कि तिलपता क्षेत्र में इंडस्ट्रियल साईट सी कॉलोनी के मकान में अवैध रूप से शराब का कारोबार चल रहा है। सूचना पर कारवाई करते हुए तत्काल आबकारी निरीक्षक चंद्र शेखर सिंह को टीम गठित की गई। टीम ने एसटीएफ़ और पुलिस टीम के साथ संयुक्त रूप से दबिश दी
जहां पर मौके से 4 लोगो अवैध रूप से शराब का मिश्रण करते हुए पाए गए। जब मकान की तलाशी ली गई तो मौके से देशी एवं 8 पीएम के कुल 2036 अपमिश्रित टेट्रा पैक और हरियाणा लिखित मोटा फ्रेश संतरा के कुल 292 पौवे, एक ड्रम मिलावटी शराब बरामद किया गया। इसके अलावा 66 बंडल क्यूआरकोड, एक ड्रम 100 प्रतिशत कॉन्सेंट्रेटेड इथिल अल्कोहल, एक कैन कैरमल, 2 बोतल ड्राई कैरमल, 2 पैकिंग मशीन, अल्कोहल मीटर, एक पैन कार्ड, कूट रचित आधार कार्ड, 3 मोबाइल फ़ोन, 16 एटीएम कार्ड भी बरामद किया गया। साथ तस्करी में प्रयुक्त एक टेंपो भी मौके से पकड़ा गया, जिसे सीज़ कर दिया गया।
पूछताछ में पकड़े गए तस्करों को पहचान गोविंद चौरसिया पुत्र जगदीश प्रसाद चौरसिया निवासी मकान नंबर 66 सी घाउखेड़ा थाना चकेरीं कानपुर, निखिल सोनी निवासी 94/1 घाउखेड़ा चकेरी कानपुर, कमलकांत पुत्र सुशील चंद निवासी मकान नंबर 1235 दयानंद कॉलोनी पालमपुर गुरुग्राम हरियाणा और अमित यादव पुत्र वीरेन यादव निवासी गुडगुडीयापुर कानपुर नगर के रूप में हुई है।
उन्होंने ने बताया अवैध शराब के धंधे को जड़ से खत्म करने के लिए आबकारी विभाग को टीम हर संभव प्रयास कर रही है। शराब तस्करो को उनके इरादों में कभी भी कामयाब नही होने दिया जाएगा। बरामद शराब की कीमत करीब 12 लाख रुपए है, जिसे बेच कर वह 15 लाख से अधिक को कमाई कर लेते। बाहरी राज्यों को शराब में एल्कोहल का कोई मानक नही होता है और अलग अलग ब्रांड की शराब का आपस में मिश्रण होने से खतरे को और संभावना बन जाती है, जिसके सेवन से स्वास्थ पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। आबकारी अधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि अगर शराब के शौकीन है तो सरकार की लाइसेंसी दुकानों से ही शराब खरीदे और क्यूआर कोड जरूर चेक करे। अपने आसपास होने वाले अवैध शराब के धंधे को सूचना आबकारी विभाग को दे, विभाग आपकी सूचना पर तत्काल कारवाई तो करेगा ही साथ ही आपकी गपनीयता का भी ध्यान रखा जाएगा। सस्ती और मिलावटी शराब बीमारी के साथ साथ मौत का भी कारण बन सकती है। इसलिए बाहरी शराब का सेवन से परहेज करें।
10 दिन पहले ही जमाया था अवैध शराब का धंधा
सूत्रों का कहना है कि शराब तस्करों का यह धंधा पिछले काफी समय से सिकंदराबाद में चल रहा था, मगर बिजली विभाग का काफी बकाया होने के बाद रातों रात सारा समान समेट कर गौतमबुद्ध नगर में जमाया हुआ था। अगर समय रहते सिकंदराबाद में ही कारवाई हो जाती तो शायद गौतमबुद्ध नगर में तस्कर नही पहुंच पाते, शराब तस्करो का धंधा जमा ही था की उससे पहले हो उजड़ गया। वही इन सबका मुखिया भी आबकारी विभाग के साथ एसटीएफ़ को रादर पर है।


















