पार्षद करते हैं ठेकेदारी स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन ने खोला मोर्चा, आंदोलन की दी चेतावनी बोले पार्षदों के फाइल लेकर विभागाध्यक्ष के कमरे में जाने पर लगे रोक

पार्षद विरेंद्र त्यागी द्वारा विवादित फाइल पर चीफ इंजीनियर से साइन कराने को लेकर दबाव बनाने और बदसलूकी करने के मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग लगातार तेज हो रही है। कर्मचारी संगठन ने पार्षदों पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके विभागाध्यक्ष और कर्मचारियों के कमरों में फाइल लेकर आवाजाही पर रोक लगाने की मांग की है। स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष ललित त्यागी ने प्रेस रिलीज जारी कर आरोप लगाया कि 60 फीसद पार्षदों अपने सगे-संबंधियों और रिश्तेदारों के नाम पर रजिस्ट्रेशन कराकर स्वयं नगर निगम में ठेकेदारी करते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के दो प्रमुख कर्मचारी संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन और हड़ताल पर जाने की बात को गंभीरता से लिया गया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने निर्माण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक की। बैठक में निर्माण विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के साथ नगर निगम कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने सभी की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि जो भी विवाद हुआ है उस पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी और बड़े स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। नगर आयुक्त ने निगम के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से शहरवासियों के हितों को प्राथमिकता देने की बात कही।

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। भाजपा पार्षद विरेंद्र त्यागी के खिलाफ कर्मचारियों का उबाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। विरेंद्र त्यागी द्वारा विवादित फाइल पर चीफ इंजीनियर से साइन कराने को लेकर दबाव बनाने और बदसलूकी करने के मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग लगातार तेज हो रही है। नगर निगम कर्मचारी संघ के बाद अब प्रदेश सरकार के कर्मचारियों के प्रदेशव्यापी संगठन स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन ने विरेंद्र त्यागी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट और नगर निगम मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। कर्मचारी संगठन ने पार्षदों पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके विभागाध्यक्ष और कर्मचारियों के कमरों में फाइल लेकर आवाजाही पर रोक लगाने की मांग की है। स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष ललित त्यागी ने प्रेस रिलीज जारी कर आरोप लगाया कि 60 फीसद पार्षदों अपने सगे-संबंधियों और रिश्तेदारों के नाम पर रजिस्ट्रेशन कराकर स्वयं नगर निगम में ठेकेदारी करते हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार के दो प्रमुख कर्मचारी संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन और हड़ताल पर जाने की बात को गंभीरता से लिया गया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने निर्माण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक की। बैठक में निर्माण विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के साथ नगर निगम कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने सभी की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि जो भी विवाद हुआ है उस पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी और बड़े स्तर पर निर्णय लिया जाएगा।

नगर आयुक्त ने निगम के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से शहरवासियों के हितों को प्राथमिकता देने की बात कही। नगर आयुक्त ने सभी को निर्देश दिया कि शहरी हित में कार्य बाधित न किया जाये और सभी अपने-अपने कार्य स्थल पर कार्य करें। नगर आयुक्त ने सभी को काम के प्रति मोटिवेट किया। इस दौरान अपर नगरआयुक्त अवनींद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, एग्जयूकेटिव इंजीनियर देशराज सिंह, एई अनुप शर्मा, एई श्याम सिंह, जेई संजय गंगवार, स्वायत्त कर्मचारी संगठन के प्रांतीय उपमहामंत्री चौब सिंह, नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रविंद्र कुमार, महामंत्री नितिन भारद्वाज, वरिष्ठ कर्मचारी नेता मयूर गिरधर, वरिष्ठ कर्मचारी नेता अरविंद त्यागी सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।