-वायु गुणवत्ता सुधार के लिए निगम ने कूड़े में आग लगाने वालों पर दिखाई सख्ती
-नगर आयुक्त ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक में बनाई कार्ययोजना
-खुले में निर्माण सामग्री व जलता हुआ मिला कूड़ा तो होगी कार्यवाही: विक्रमादित्य सिंह मलिक
गाजियाबाद। शहर की वायु गुणवत्ता सुधार को नगर निगम लगातार प्रयास कर रहा है। जिसमें वॉटर स्प्रिंकलर और एंटी स्मोक गन द्वारा पानी का छिड़काव किया जा रहा है। शहर में कूड़ा जलाने वालों पर शिकंजा कसने के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। इन टीमों के सदस्य क्षेत्र में नियमित घूम कर कूड़ा जलाने वालों की निगहबानी करेंगे। कूड़ा जलाते पकड़े जाने पर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। वायु प्रदूषण को रोकने के लिए सिर्फ प्लास्टिक कूड़े को ही नहीं, पेड़-पौधों की सूखी पत्तियों को जलाने पर भी रोक है। लेकिन गर्मियों के दिनों में अक्सर देखा जाता है कि सफाई कर्मचारी झाडू लगाकर पत्तियों को इकट्ठा करने के बाद उसमें आग लगा देते हैं। इससे हवा की गुणवत्ता और खराब हो जाती है।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने शनिवार को सभी विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें ग्रैप के नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। मौके पर समस्त विभागों की अन्य टीम भी उपस्थित रही। नगर आयुक्त द्वारा कूड़े में लग रही आग पर सख्ती दिखाते हुए नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथिलेश कुमार को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि सभी एसएफआई से लगातार स्थलीय निरीक्षण कराया जाए और कहीं भी कूड़े में आग पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। निर्माण विभाग को नगर आयुक्त द्वारा ग्रैप के सभी नियमों का अनुपालन करने के लिए आदेशित किया गया। खुले में निर्माण सामग्री पाए जाने पर चालान की कार्यवाही करें।
जलकल विभाग, उद्यान विभाग को वॉटर स्प्रिंकलर व अन्य माध्यमों से पानी का छिड़काव अधिक से अधिक करने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त द्वारा प्रतिदिन वायु गुणवत्ता सुधार के लिए किया जा रहे कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए भी कहा गया। 25 वॉटर स्प्रिंकलर और 5 एंटी स्मोक गन द्वारा द्वारा कार्य कराया जा रहा है। जिनकी संख्या बढ़ाने के लिए नगर आयुक्त द्वारा विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार यादव और अवनिंद्र कुमार को मॉनिटरिंग बढ़ाने के लिए कहा गया। मौके पर अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार यादव, अपर नगर आयुक्त अवनेंद्र कुमार, चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा, लेखाधिकारी डॉ गीता कुमारी, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह, जीएम जलकल केपी आनंद, एमएनएलपी विवेक सिंह, ऑडिटर विमलेश सिंह, एएओ जेपी सिंह, अधिशासी अभियंता देशराज सिंह, जोनल प्रभारी सुनील राय, विवेक त्रिपाठी एवं एपीएजी की टीम उपस्थित रही।


















