उदय भूमि
गाजियाबाद। विजय नगर स्थित प्रताप विहार बी ब्लॉक गौतम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शनिवार को वार्षिक प्रदर्शनी अभिव्यक्ति का आयोजन किया गया। इसमें स्कूल के विद्यार्थियों ने भारत के गौरव को दर्शाने वाले मॉडल प्रस्तुत किए। जिनकी सभी ने सराहना की। जुनियर विंग के बच्चों ने चारो ऋतुएं, ट्रांसपोर्ट, नेबरहुड सर्विस, ग्रीन प्लांट का मॉडल बनाकर दर्शाया। सीनियर विंग के छात्रो ने सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक, भौगोलिक और भाषा को केंद्र मे रखकर विभिन्नता में एकता को प्रस्तुत किया भारतीय शिक्षा व्यवस्था, भारतीय सिनेमा, खेल, समुद्र मंथन, आईटी हब हमारा सांस्कृतिक धरोहर, मीनाक्षी मंदिर, गोल्डन टेम्पल, सेवन वंडर (दूनिया के सात अजूबे) मॉल, गणित की दुनिया, थिंक बिग थिंक फिजिक्स, हॉस्पीटल, बायोमैट्रिक रोबोटिक यूनिवर्स वर्ल्ड, स्पेंस, इंग्ग्लस लिटरेचर और साइंस आदि पर मॉडल बनाकर अपने हुनर का परिचय दिया।
अभिभावकों ने इस प्रदर्शनी को देखा और उन्होंने सभी विद्यार्थियों के कौशल की सराहना की प्रर्दशनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि एमएलसी विधायक श्रीचंद शर्मा ने स्कूल निदेशक एके गौतम, प्रधानाचार्या पूनम गौतम, उपप्रधानाचार्य तनूजा, एकेडमिक हेड चेतन शर्मा की मौजूदगी में दीप प्रज्वलित कर गया। श्रीचंद शर्मा ने मॉडलों का अवलोकन किया और बच्चो से उनके द्वारा बनाए गए मॉडलों के बारे में जानकारी ली। बच्चों के प्रयासों को सराहते हुए उन्हे तथा बेहतर कराने वाले अध्यापकों कों बधाई दी। उन्होंने कहा प्रोजेक्ट विधि द्वारा एक अधिगम का आगमन होता है। इससे बच्चे अपने कौशल का सही उपयोग कर सकते हैं। जरूरत के हिसाब से विज्ञान के क्षेत्र में नए-नए आविष्कार जरूरी है।
निदेशक एके गौतम ने बच्चों को संबोधित करते हुए उन्हे सदैव आगे बढने की प्रेरणा देने के साथ-साथ शुभकामनाएं देते हुए कहा जिस तरह की प्रतिभा दिखाई है निश्चित ही ये सभी एक दिन अपने अपने विद्यालय एवं देश का नाम रौशन करेंगे। कहा कि इस तरह के आयोजन से बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को निखारने का मौका मिलता है। प्रधानाचार्या पूनम गौतम ने कहा कि बच्चों द्वारा एक से बढ़कर एक मॉडल बनाया गया है। बाल वैज्ञानिक भविष्य के वैज्ञानिक है बच्चों को निरंतर नई सोच के प्रति प्रेरित करने एवं अवसर प्रदान करने की जरूरत है। बच्चों को सराहते हुए उन्हे तथा बेहतर कराने वाले अध्यापकों को बधाई दी। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि किताबों में जो पढते है उनको प्रैक्टिकल करके देखें जिससे काफी ज्ञान बढेगा। विज्ञान के सिद्धांतों को समझे, जिससे आपकी सोच बदलेगी।
उपप्रधानाचार्य तनूजा ने कहा कि वर्तमान समय विज्ञान का समय है। इसके बिना जीवन संभव नहीं है। स्कूल में इस तरह के पहल बच्चों मे वैज्ञानिक सोच, उत्साह और अनुसंधान की मानसिकता के दृष्टिकोण को विकसित करता है। विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करना होता है। बच्चे केवल किताबी शिक्षा प्राप्त न करें बल्कि हर क्षेत्र में आगे आएं। बच्चों की छुपी हुई प्रतिभा सामने लाने के लिए ही विद्यालय कार्य करते हैं। इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों को एक ऐसा मंच मिलता है जिसमें बच्चे अपनी प्रतिभा को सामने ला सकते हैं। यह प्रदर्शनी छात्रों के बीच टीमवर्क और सहयोग की क्षमता बनाने में भी मदद करती है।
इस प्रतियोगिता में छात्रों ने विभिन्न मॉडलों व परियोजनाओं के माध्यम से वैज्ञानिक सिद्धांतों की विधियों को लागू करके दिखाया। विद्यालय के विकास के लिए हर पहलुओं पर प्रबंधन व शिक्षकों द्वारा हमेशा ध्यान दिया जाता रहा है ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सकें। एकेडमिक हेड चेतन शर्मा ने कहा आज इनोवेशन का जमाना है नवाचार को हर क्षेत्र मे बढावा मिल रहा है और इससे अच्छे परिणाम भी सामने आ रहे है। विज्ञान प्रदर्शनी एक ऐसा मंच होता है जहा विज्ञान के सभी विषयों से जुड़े उत्पादों, तकनीकी, अनुप्रयोगो, आविष्कारों और अन्य विषयों को प्रदर्शित किया जाता है कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यापकगण की महत्त्वपूर्ण भूमिका रहा।























