-पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम, लकड़ी की खपत होगी कम, सीएनजी और गोबर आधारित दाह संस्कार संयंत्र होंगे स्थापित
उदय भूमि
गाजियाबाद। नगर निगम ने हिंडन नदी के पास स्थित श्मशान घाट के जीर्णोद्धार और पर्यावरण-अनुकूल शवदाह गृह बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नगर आयुक्त के निर्देशानुसार, कम धुआं देने वाले आधुनिक दाह संस्कार संयंत्रों की स्थापना की जा रही है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने निगम अधिकारियों के साथ चल रहे कार्यों की प्रेजेंटेशन देखी। आधुनिक शवदाह गृह संयंत्र लगाने के लिए फाउंडेशन व अन्य कार्य प्रारंभ कर दिए गए। हिंडन श्मशान घाट का होगा आधुनिकीकरण, तीन नए हरित शवदाह गृह स्थापित किए जाएंगे। तीन आधुनिक दाह संस्कार संयंत्र लगाए जाएंगे-दो सीएनजी आधारित और एक गाय के गोबर की लकड़ी पर आधारित। लकड़ी की खपत 400-500 क्विंटल से घटकर 100 क्विंटल रह जाएगी।
आगंतुकों के लिए प्रेयर हॉल और बैठने की उचित व्यवस्था बनाई जाएगी। ग्रीनरी बढ़ाने और अन्य प्लेटफॉर्म की मरम्मत की भी योजना। 3.5 करोड़ की लागत से यह परियोजना पांच महीनों में पूरी करने का लक्ष्य दिया गया है। यह कदम न केवल धार्मिक रीति-रिवाजों को सम्मान देता है, बल्कि पर्यावरण-संरक्षण और आधुनिक तकनीक को भी बढ़ावा देता है। गाजियाबाद नगर निगम और ग्रीन रेवोल्यूशन फाउंडेशन की यह पहल सराहनीय है। धुएं का स्तर कम होगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। वास्तु के अनुसार डिज़ाइन किया गया निर्माण कार्य। शहर विधायक संजीव शर्मा ने भी इस पहल को सराहा और आगंतुकों के लिए सुविधाओं को बढ़ाने की बात कही। इस दौरान अधिशासी अभियंता निर्माण एसपी मिश्रा, ग्रीन रेवोल्यूशन फाउंडेशन से टीम भी मौके पर उपस्थित रहे।
नगर निगम की पहल: सुविधाओं में होगा सुधार
• 40 से अधिक प्लेटफार्म की मरम्मत की जाएगी।
• आगंतुकों के लिए प्रेयर हॉल और बैठने की व्यवस्था होगी।
• ग्रीनरी बढ़ाई जाएगी ताकि वातावरण स्वच्छ और सुंदर बने।
गाजियाबाद के नागरिकों को होगा लाभ
यह पहल न केवल धार्मिक रीति-रिवाजों को बनाए रखेगी, बल्कि पर्यावरण-संरक्षण को भी बढ़ावा देगी। ग्रीन रिवॉल्यूशन फाउंडेशन की मदद से इस कार्य की निगरानी की जा रही है। इस परियोजना से शहरवासियों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल दाह संस्कार की सुविधा मिलेगी। यह गाजियाबाद शहर के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जो पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं की दिशा में एक बड़ा कदम है। हिंडन श्मशान घाट के जीर्णोद्धार और हरित शवदाह गृह के निर्माण से न केवल लकड़ी की खपत कम होगी बल्कि धुएं का स्तर भी घटेगा, जिससे पर्यावरण को लाभ मिलेगा।
पर्यावरण संरक्षण और शहरवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हिंडन श्मशान घाट के आधुनिकीकरण का कार्य किया जा रहा है। नगर निगम द्वारा तीन आधुनिक दाह संस्कार संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें दो सीएनजी आधारित और एक गाय के गोबर की लकड़ी पर आधारित होगा। इससे लकड़ी की खपत कम होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। इसके अलावा, आगंतुकों के लिए प्रेयर हॉल, बैठने की सुविधाएं और ग्रीनरी को बढ़ाने का कार्य भी किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट 3.5 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जा रहा है और अगले 5 महीनों में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। गाजियाबाद नगर निगम पर्यावरण अनुकूल समाधानों की दिशा में लगातार काम कर रहा है, ताकि शहर को स्वच्छ और हरित बनाया जा सके।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त नगर निगम गाजियाबाद
हिंडन श्मशान घाट के आधुनिकीकरण का कार्य पूरी तेजी से चल रहा है। यहां तीन आधुनिक शवदाह संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें दो सीएनजी आधारित और एक गाय के गोबर की लकड़ी पर आधारित होगा। इससे लकड़ी की खपत में भारी कमी आएगी और पर्यावरण को भी कम नुकसान पहुंचेगा। इसके अलावा, श्मशान घाट पर 40 से अधिक प्लेटफार्म की मरम्मत की जाएगी, ग्रीनरी को बढ़ाया जाएगा, और आगंतुकों के बैठने के लिए एक प्रेयर हॉल भी बनाया जाएगा। लगभग 3.5 करोड़ की लागत से इस परियोजना को अगले 5 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य नगर निगम के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है, जिससे शहरवासियों को एक सुव्यवस्थित और स्वच्छ वातावरण मिल सके।
नरेंद्र कुमार चौधरी,
मुख्य अभियंता निर्माण, नगर निगम गाजियाबाद



















