उत्तर प्रदेश में धर्मिक टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए CM योगी आदित्यनाथ द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और रोड कनेक्टिविटी पर काफी जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर को यमुना एक्सप्रेसवे से सीधा जोड़ा जाएगा। इसके अलावा यमुना एक्सप्रेसव-वे को एनएच-44 से भी सीधे जोड़ा जाएगा। एनएच-44 से यमुना एक्सप्रेसवे तक एनएचएआई 15.3 किमी लंबा मार्ग का निर्माण करेगा। वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए जीरो पॉइंट से 101 किलोमीटर पर 6.9 किलोमीटर लंबा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा। एक्सप्रेस-वे के स्टार्टिंग प्वाइंट पर भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की भव्य प्रतिमा लगेगी। प्रतिमा विशाल और भव्य होगी। एक्सप्रेस-वे पर यात्रा करने वाले लोग दूर से ही श्रीकृष्ण और राधा रानी के दर्शन कर सकेंगे।
विजय मिश्रा (उदय भूमि)
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे और बांके बिहारी मंदिर के बीच हेरिटेज सिटी परियोजना विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। करीब 6.9 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में डेवलप होने वाले हेरिटेज सिटी में भारतीय संस्कृति और विरासत की झलक दिखाई देगी। यमुना प्राधिकरण द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में विकास योजनाओं को तीव्र गति से पूरा करने के साथ ही बांके बिहारी मंदिर को एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की योजना पर काम कर रहा है। वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए जीरो पॉइंट से 101 किलोमीटर पर 6.9 किलोमीटर लंबा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा। एक्सप्रेस-वे के स्टार्टिंग प्वाइंट पर भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की भव्य प्रतिमा लगेगी। प्रतिमा विशाल और भव्य होगी। एक्सप्रेस-वे पर यात्रा करने वाले लोग दूर से ही श्रीकृष्ण और राधा रानी के दर्शन कर सकेंगे। दिल्ली में केंद्र सरकार के मंत्रालयों की अधिकारियों के साथ यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों की हुई बैठक में इस मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा हुई और समस्या का हल ढूढ़ लिया गया। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि कनेक्टिविटी को लेकर जमीन अधिग्रहण में जो खर्च आएगा उसे यीडा वहन करेगा। इसके अलावा राया सिटी में पार्किंग के लिए 12 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। सीईओ ने बताया कि ब्रज विकास परिषद की पिछली बैठक में कुछ प्रस्ताव प्रस्तुत किए थे जिसमें उन्हें यमुना प्राधिकरण से मदद चाहिए थी। ब्रज विकास परिषद की तरफ से आई रिक्वेस्ट के संदर्भ में 21 फरवरी को भारत सरकार में सचिव स्तर के अधिकारियों के साथ एक बैठक हुई जिसमें सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्णय लिया गया।
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे और बांके बिहारी मंदिर के बीच हेरिटेज सिटी परियोजना विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। करीब 6.9 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में डेवलप होने वाले हेरिटेज सिटी में भारतीय संस्कृति और विरासत की झलक दिखाई देगी। यमुना प्राधिकरण द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में विकास योजनाओं को तीव्र गति से पूरा करने के साथ ही बांके बिहारी मंदिर को एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की योजना पर काम कर रहा है। वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए जीरो पॉइंट से 101 किलोमीटर पर 6.9 किलोमीटर लंबा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा। एक्सप्रेस-वे के स्टार्टिंग प्वाइंट पर भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की भव्य प्रतिमा लगेगी। प्रतिमा विशाल और भव्य होगी। एक्सप्रेस-वे पर यात्रा करने वाले लोग दूर से ही श्रीकृष्ण और राधा रानी के दर्शन कर सकेंगे। दिल्ली में केंद्र सरकार के मंत्रालयों की अधिकारियों के साथ यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों की हुई बैठक में इस मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा हुई और समस्या का हल ढूढ़ लिया गया। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि कनेक्टिविटी को लेकर जमीन अधिग्रहण में जो खर्च आएगा उसे यीडा वहन करेगा। इसके अलावा राया सिटी में पार्किंग के लिए 12 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। सीईओ ने बताया कि ब्रज विकास परिषद की पिछली बैठक में कुछ प्रस्ताव प्रस्तुत किए थे जिसमें उन्हें यमुना प्राधिकरण से मदद चाहिए थी। ब्रज विकास परिषद की तरफ से आई रिक्वेस्ट के संदर्भ में 21 फरवरी को भारत सरकार में सचिव स्तर के अधिकारियों के साथ एक बैठक हुई जिसमें सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्णय लिया गया।
उत्तर प्रदेश में धर्मिक टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और रोड कनेक्टिविटी पर काफी जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर को यमुना एक्सप्रेसवे से सीधा जोड़ा जाएगा। इसके अलावा यमुना एक्सप्रेसव-वे को एनएच-44 से भी सीधे जोड़ा जाएगा। एनएच-44 से यमुना एक्सप्रेसवे तक एनएचएआई 15.3 किमी लंबा मार्ग का निर्माण करेगा। इस पर आने वाली लागत को एनएचएआई वहन करेगा, जबकि जमीन उपलब्ध कराने का काम यमुना प्राधिकरण करेगा। आगरा और दिल्ली की ओर से जाने वाले वाहन नए मार्ग से होकर सीधे बांके बिहारी मंदिर पहुंच सकेंगे। इस मार्ग के करीब सात किमी के दायरे में दोनों ओर हेरिटेज सिटी विकसित की जाएगी। ब्रज विकास परिषद ने यमुना नदी पर सस्पेंशन ब्रिज बनाने की मांग यमुना प्राधिकरण से की थी। लेकिन यह क्षेत्र यीडा के नोटिफाइड एरिया से बाहर है। ऐसे में सस्पेंशन ब्रिज का निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम द्वारा कराया जाएगा। लेकिन एनएचएआई के प्रस्तावित मार्ग से सस्पेंशन ब्रिज को जोड़ने वाले मार्ग का निर्माण यमुना प्राधिकरण करेगा।
व्यावसायिक गतिविधियों की नहीं होगी अनुमति
यमुना नदी के किनारे 12 हजार हेक्टेयर में पार्किंग बनाई जाएगी। इसके लिए जमीन यमुना प्राधिकरण उपलब्ध कराएगा। इसे रिवर फ्रंट के रूप में डेवलप किया जाएगा। यहां पर किसी तरह की व्यावसायिक गतिविधि की अनुमति नहीं होगी। रिवर फ्रंट के लिए अनुमान्य गतिविधि को ही यहां स्वीकृति मिलेगी। पार्किंग स्थल सस्पेंशन ब्रिज के नजदीक होगा। वाहन चालक पार्किंग में अपने वाहन खड़ा कर सस्पेंशन ब्रिज होकर बांके बिहारी मंदिर जा सकेंगे।
यमुना नदी के किनारे 12 हजार हेक्टेयर में पार्किंग बनाई जाएगी। इसके लिए जमीन यमुना प्राधिकरण उपलब्ध कराएगा। इसे रिवर फ्रंट के रूप में डेवलप किया जाएगा। यहां पर किसी तरह की व्यावसायिक गतिविधि की अनुमति नहीं होगी। रिवर फ्रंट के लिए अनुमान्य गतिविधि को ही यहां स्वीकृति मिलेगी। पार्किंग स्थल सस्पेंशन ब्रिज के नजदीक होगा। वाहन चालक पार्किंग में अपने वाहन खड़ा कर सस्पेंशन ब्रिज होकर बांके बिहारी मंदिर जा सकेंगे।
हेरिटेज सिटी में दिखेगी संस्कृति की झलक
यमुना प्राधिकरण की ओर से हेरिटेज सिटी परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में कोई बदलाव नहीं होगा। डीपीआर के तहत हेरिटेज सिटी मेंं कथा वाचलाय, हाट, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, विश्राम गृह, आध्यात्मिक केंद्र, म्यूजियम, होटल आदि विकसित किए जाएंगे।
यमुना प्राधिकरण की ओर से हेरिटेज सिटी परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में कोई बदलाव नहीं होगा। डीपीआर के तहत हेरिटेज सिटी मेंं कथा वाचलाय, हाट, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, विश्राम गृह, आध्यात्मिक केंद्र, म्यूजियम, होटल आदि विकसित किए जाएंगे।
















