-ए+ लाने पर ही संतुष्ट न हों, रैंक बरकरार रखना भी जरूरी: अभिनव गोपाल
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। दुर्गावती देवी सभागार, विकास भवन में जिलाधिकारी श्री दीपक मीणा की अध्यक्षता में सीएमआईएस पोर्टल पर प्रदर्शित 1 करोड़ से अधिक लागत की परियोजनाओं और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड जिला अनुश्रवण पुस्तिका (विकास कार्य संबंधित) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री अभिनव गोपाल, जिला विकास अधिकारी प्रज्ञा श्रीवास्तव, डीएसटीओ राजीव श्रीवास्तव, जिला सूचना अधिकारी योगेंद्र प्रताप सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा बैठक में बताया गया कि मार्च 2025 माह तक सीएमआईएस पोर्टल पर प्रदर्शित 1 करोड़ रू0 से अधिक लागत की कुल 144 परियोजनाओं में से 105 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। मार्च माह में केवल 1 परियोजना पूर्ण की गई है, जबकि 38 परियोजनाएं अभी अपूर्ण हैं। वहीं, 11 परियोजनाएं विलंबित पाई गईं। इन विलंबित परियोजनाओं में एचएससीसी (इंडिया) लि., उत्तर प्रदेश जल निगम (अर्बन निर्माण खंड- बागपत), सीएंडडीएसयू.7, सीएंडडीएसयू.45, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग (सिंचाई निर्माण खंड, गाजियाबाद) की एक-एक परियोजना तथा उत्तर प्रदेश जल निगम (अर्बन खंड-2) और यूपी राज्य सेतु निगम लि. की दो-दो परियोजनाएं शामिल हैं।
ग्रेडिंग की विस्तृत समीक्षा
बैठक के दौरान ग्रेड ए, बी, सी, डी और ई की परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।
• ग्रेड ए – पंचायतीराज विभाग की स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 परियोजना।
• ग्रेड बी – प्राथमिक शिक्षा की निपुण परीक्षा आकलन।
• ग्रेड सी – ग्रामीण अभियंत्रण की भवन निर्माण, प्राथमिक शिक्षा की मध्यान्ह भोजन एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति और लोक शिकायत निर्माण कार्य (सीएमआईएस)।
• ग्रेड डी – नियोजन की फैमिली आईडी, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन की सामाजिक वनीकरण (प्रपत्र-37) और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम की मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना।
• ग्रेड ई – ग्राम्य विकास की प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मत्स्य विभाग की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और समाज कल्याण की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना।
ए+ रैंक बरकरार रखने पर जोर
बैठक के दौरान जिलाधिकारी दीपक मीणा ने 66 परियोजनाओं में ए+ रैंक प्राप्त करने वाले विभागों की प्रशंसा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग ए+ लाने के लिए हर संभव प्रयास करें। साथ ही, ए+ रैंक लाने के बाद उस रैंक को बनाए रखने और उत्कृष्ट कार्य करने पर भी जोर दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी श्री अभिनव गोपाल ने कहा कि ए+ रैंक प्राप्त करने के बाद उस रैंक को बरकरार रखना भी आवश्यक है, जिससे विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों को परियोजनाओं की प्रगति पर सतत निगरानी रखने और निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजनाओं को पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

















