अस्तौली कूड़ा निस्तारण केंद्र पर संयत्र स्थापित करने का काम शुरू

-कचरे को प्रोसेस कर कोयला बनाया जाएगा, दो साल में बनकर तैयार हो जाएगा संयंत्र
-प्रतिदिन 900 टन कचरा निस्तारित करने की क्षमता, 126.54 एकड़ में फैली है सेनेटरी लैंडफिल साइड

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ शहर की साफ सफाई और निकलने वाले कूड़े के निस्तारण को लेकर सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सफाई के साथ कूड़ा निस्तारण के लिए काम शुरू किया गया है। क्षेत्र के अस्तौली गांव के पास विकसित किए जा रहे अत्याधुनिक कूड़ा निस्तारण केंद्र पर संयत्र स्थापित करने के लिए एनटीपीसी ने निर्माण शुरू कर दिया है। प्रतिदिन 900 टन क्षमता वाला यह संयंत्र दो साल में बनकर तैयार हो जाएगा। कूड़े का निस्तारण कर उससे कोयला बनाया जाएगा।
सैनिटरी लैंडफिल साइट पर कचरे का निस्तारण कर उससे कोयला बनाने के लिए एनटीपीसी ने संयत्र स्थापित करने के लिए निर्माण शुरू कर दिया है। दो साल में काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा। एनटीपीसी द्वारा 20 एकड़ में स्थापित किए जा रहे इस संयंत्र की क्षमता प्रतिदिन 900 टन कूड़ा निस्तारित करने की होगी, इसमें 300 टन कूड़ा ग्रेटर नोएडा का और 600 टन कूड़ा नोएडा का होगा। करने में स्टार्टअप कंपनियों को भी मौका मिलेगा। प्रतिदनि 50 व 300 टन कूड़ा निस्तारित करने वाली कंपनियों की तलाश शुरू कर दी गई है। 50 टन क्षमता के अंतर्गत स्टार्टअप कंपनियां आएंगी। इसको लेकर शासन स्तर से विशेष दिशा निर्देश दिए गए हैं। छह से अधिक कंपनियां आगे आई हैं। उम्मीद है कि निविदा की प्रक्रिया पूरी कर जुलाई माह में कंपनी का चयन कर लिया जाएगा। वहीं एनटीपीसी को जमीन आवंटित कर दी गई है।

शहरी क्षेत्रों में घरों से निकलने वाले गीले व सूखे कूड़े का निस्तारण एक बड़ी समस्या बन गया है। उचित निस्तारण न होने से जगह-जगह पर अवैध तरीके से कूड़े का ढेर लग जाता है,जिससे शहर की सुंदरता के साथ पर्यावरण पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। इसको देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा अधिसूचित क्षेत्र के गांव अस्तौली के समीप 126.54 एकड़ में सैनिटरी लैंडफिल साइड का निर्माण किया जा रहा है। जहां ग्रेटर नोएडा व नोएडा के कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा। खास बात यह है कि सिंगापुर की तर्ज पर उस दिन का कूड़ा उसी दिन निस्तारित करने की योजना है। शुरूआती दौर में प्रतिदिन 50 से 300 टन कूड़े का निस्तारण करने वाली कंपनियां की तलाश शुरू कर दी गई है। इसके लिए निकाली गई निविदा में भाग लेने वाली कंपनियां 26 जून तक अपने प्रपत्र ऑनलाइन अपलोड कर सकती हैं। इच्छुक कंपनियों के साथ प्राधिकरण के अधिकारी 19 जून को प्री बिड बैठक करेंगे। जिसमें कंपनियों के सुझाव के साथ उनकी तकनीक के बारे में जानकारी हासिल की जाएगी। कूड़ा प्रबंधन में स्टार्टअप कंपनियां को प्राथमिकता दी जाएगी।

स्टार्टअप कंपनियों ने किया संपर्क
घरों से निकलने वाले गीले व सूखे कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने के लिए छह से अधिक स्टार्टअप कंपनियों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में संपर्क किया है। अपनी तकनीक का प्रस्तुतिकरण दे चुकी हैं। प्राधिकरण द्वारा निकाली गई निविदा में भाग लेने वाली कंपनियों के साथ अधिकारी एक बार फिर प्री- बिड बैठक करेंगे। कंपनियों के सुझाव लेने साथ उनको परियोजना के बारे में जानकारी दी जाएगी।

जून में तय हो जाएगी कंपनी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि अस्तौली लैंडफिल साइड पर आने वाले गीले कूड़े के निस्तारण के लिए कंपनियों की तलाश शुरू कर दी गई है। प्रथम चरण में प्रतिदिन 50 से 300 टन कूड़ा निस्तारित करने की क्षमता वाली कंपनियों की तलाश की जा रही है। इसकी निविदा जारी कर दी गई है। इच्छुक कंपनियों के साथ 19 जून को बिड खोलने से पहले बैठक की जाएगी।