उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। डासना स्थित एसडीजीआई ग्लोबल यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी स्कूल ने अपने छात्रों के लिए बी.टेक के बाद कैरियर विषय पर एक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया। इस विशेष सत्र का संचालन टी.आई.एम.ई. गाजियाबाद की प्रख्यात वक्ता श्रीवंती श्री द्वारा किया गया। व्याख्यान का उद्देश्य छात्रों को बी.टेक की डिग्री पूरी करने के बाद विभिन्न कैरियर विकल्पों के बारे में विस्तृत जानकारी देना था, जिससे वे अपने भविष्य को बेहतर तरीके से संवार सकें। कार्यक्रम का आयोजन सहायक प्रोफेसर श्री रोहित राणा एवं श्री राजेंद्र राजौरिया की देखरेख में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की निदेशक प्रो. (डॉ.) मोनिका सेंगर ने बताया कि इस व्याख्यान के माध्यम से छात्रों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की संभावनाओं पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों को सही मार्गदर्शन मिलने से वे अपनी इच्छा और क्षमता के अनुसार उचित शिक्षा और करियर विकल्प चुनने में सक्षम होंगे। एसडीजीआई के चांसलर श्री महेंद्र अग्रवाल ने इस व्याख्यान की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के अतिथि व्याख्यान छात्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे उन्हें नवीनतम तकनीकी प्रगति एवं करियर के संभावित अवसरों के बारे में अवगत कराते हैं।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रसन्नजीत कुमार सिंह ने भी इस पहल की प्रशंसा की और कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां छात्रों को न केवल उच्च शिक्षा के सही विकल्प चुनने में मदद करती हैं, बल्कि उन्हें आईटी और अन्य उद्योगों में हो रहे नवीनतम रुझानों से भी परिचित कराती हैं। वहीं, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. राजीव रतन ने छात्रों को इस प्रकार के तकनीकी कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि ऐसे सेमिनार एवं व्याख्यान छात्रों के ज्ञान और कौशल में वृद्धि करने के लिए बेहद आवश्यक हैं। कार्यक्रम के अंत में छात्रों के साथ एक संक्षिप्त फीडबैक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उन्हें अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिला।
इस सत्र के दौरान छात्रों को उनके क्षेत्र में खोज और नवाचार जारी रखने के लिए प्रेरित किया गया। यह आयोजन छात्रों के लिए एक मूल्यवान अनुभव साबित हुआ, जिसने उन्हें अपने करियर को नई दिशा देने और भविष्य की योजनाओं को सुदृढ़ करने में सहायता प्रदान की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भविष्य में भी इस तरह के व्याख्यान और कार्यशालाओं का आयोजन करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की, जिससे छात्रों को उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जा सके।
















