-1 अप्रैल से 12 प्रतिशत ब्याज से बचने के लिए 30-31 मार्च को खुले रहेंगे जोनल कार्यालय
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। वित्तीय वर्ष के अंतिम दो दिनों में गाजियाबाद नगर निगम ने हाउस टैक्स वसूली को लेकर बड़ा कदम उठाया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश पर 30 और 31 मार्च को सभी जोनल कार्यालय खुले रहेंगे, ताकि करदाता बिना किसी रुकावट के अपना बकाया टैक्स जमा कर सकें। नगर निगम दो दिन में 9 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य लेकर चला है। इसके लिए 11 स्थानों पर विशेष हाउस टैक्स वसूली कैंप लगाए गए हैं। इसके अलावा, डोर-टू-डोर टैक्स कलेक्शन अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि लोग आसानी से हाउस टैक्स जमा कर सकें।
नगर निगम को जनप्रतिनिधियों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है, जिससे इस अभियान को और अधिक गति मिल रही है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने करदाताओं से अपील करते हुए कहा कि नगर निगम करदाताओं की सहूलियत के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में 30 और 31 मार्च को जोनल कार्यालय खुले रखे गए हैं, ताकि लोग बिना किसी असुविधा के अपना हाउस टैक्स जमा कर सकें। हम सभी करदाताओं से अनुरोध करते हैं कि 31 मार्च से पहले टैक्स का भुगतान करें और 1 अप्रैल से लगने वाले 12त्न ब्याज से बचें। उन्होंने कहा, नगर निगम का लक्ष्य वित्तीय वर्ष के अंतिम दो दिनों में 9 करोड़ रुपये की वसूली करना है। इसके लिए 11 स्थानों पर हाउस टैक्स वसूली कैंप लगाए गए हैं और डोर-टू-डोर कलेक्शन भी किया जा रहा है। हमें जनप्रतिनिधियों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है, जो सराहनीय है।
इन स्थानों पर लगेंगे हाउस टैक्स वसूली कैंप:
• वसुंधरा जोन – शक्ति खंड, अभय खंड
• सिटी जोन – उदल नगर, मुकुंद नगर
• विजयनगर जोन – मिर्जापुर डबल टंकी, सेक्टर 12 गुलाबी टंकी, सेक्टर 10, महागुणपुरम, मास्क क्रॉसिंग रिपब्लिक
• मोहन नगर जोन – वीरपाल डबास जी, अर्थला
• शहीद नगर जोन – वार्ड 90 (सेंट्रल पार्क डीएलएफ)
• कवि नगर जोन – स्प्रिंग डेल पब्लिक स्कूल, गोविंदपुरम
1 अप्रैल से लगेगा 12 प्रतिशत ब्याज
नगर निगम ने करदाताओं से 31 मार्च से पहले हाउस टैक्स जमा करने की अपील की है। 1 अप्रैल से बकाया हाउस टैक्स पर 12 प्रतिशत ब्याज लागू हो जाएगा।
अपील: अगर आपने अभी तक हाउस टैक्स जमा नहीं किया है, तो यह आखिरी मौका है, 30 और 31 मार्च को नजदीकी वसूली कैंप या जोनल कार्यालय में जाकर तुरंत हाउस टैक्स जमा करें और 12 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज से बचें।
















