उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड जिला अनुश्रवण पुस्तिका की फरवरी माह में जिले की 40वीं रैंकिंग आई है। इस पर जिलाधिकारी दीपक मीणा ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि खराब रैंकिंग लाने वाले विभाग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करें। शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में एडीएम प्रशासन रणविजय सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व सौरभ भट्ट, एसडीएम मोदीनगर डॉ. पूजा गुप्ता, जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त अरूण कुमार यादव, एसडीएम सदर अरूण दीक्षित, एसडीएम लोनी राजेंद्र कुमार, जिला सूचना अधिकारी योगेंद्र प्रताप सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने खराब रैंकिंग लाने वाले विभागों से कारण पूछे।
अधिकारियों ने बताया कि केपीआई में कुछ तकनीकी परेशानियां आ रही थीं, जो अब ठीक कर ली गई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि आगामी माह की रैंकिंग बेहतर होगी। कुछ अधिकारियों ने यह भी स्वीकार किया कि वे समय से पोर्टल अपडेट नहीं कर पाए। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यदि पोर्टल से संबंधित कोई समस्या है, तो तत्काल अवगत कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी माह में किसी भी विभाग की रैंकिंग खराब नहीं आनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी कार्य लंबित न छोड़ा जाए। जैसे ही कोई कार्य टेबल पर आए, उसका तुरंत निस्तारण करें। यदि कार्य संबंधित अधिकारी के स्तर का नहीं है, तो उसे त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारी को भेजें। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड जिला अनुश्रवण पुस्तिका (राजस्व से संबंधित) की फरवरी माह की मासिक प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, जनपद की रैक्स मार्क 8.73 रही और रैंकिंग 40वीं आई।
जनपद में राजस्व, लोक शिकायत, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन, सैनिक कल्याण, वित्त, नगर विकास, गरीबी उन्मूलन, परिवहन, भूतत्व एवं खनिकर्म, राज्यकर, अवस्थापना व औद्योगिक विकास, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, आबकारी, आवास, उपभोक्ता संरक्षण एवं बांट-माप, कृषि विपणन एवं विदेश व्यापार, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, खाद्य एवं रसद तथा चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभागों में संचालित 55 परियोजनाओं में ग्रेड ए प्लस में 30, ए-6, बी-8, सी-3, डी-3 और ई-5 विभाग शामिल रहे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी विभाग अपने प्रदर्शन में सुधार करें ताकि आगामी माह की रैंकिंग बेहतर हो सके।

















