उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर बड़ी सफाई सामने आई है। एडीएम सिटी गंभीर सिंह ने एफआईआर दर्ज करने के बयान से पलटते हुए स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में सिर्फ नियमानुसार चालान, लाइसेंस निलंबन और वाहन सीज की कार्रवाई की जाएगी, स्नढ्ढक्र का कोई प्रावधान नहीं है। तीन दिन पहले हुई एक बैठक में एडीएम सिटी ने एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंधित दोपहिया वाहनों के चालकों पर एफआईआर दर्ज करने की बात कही थी।
लेकिन जब यह खबर विभिन्न समाचार पत्रों, न्यूज चैनलों और सोशल मीडिया पर सुर्खियों में आई, तो उन्होंने स्पष्टीकरण जारी कर कहा कि यह बयान गलतफहमी के कारण दिया गया था। एडीएम गंभीर सिंह ने साफ किया, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू है, लेकिन यातायात नियमों के तहत सिर्फ चालान, लाइसेंस निरस्तीकरण और वाहन सीज की कार्रवाई का प्रावधान है। एफआईआर दर्ज करने का कोई नियम नहीं है और न ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की कोई ऐसी गाइडलाइन है। इसलिए इस संबंध में प्रसारित खबरें गलतफहमी के कारण फैलीं।
क्या होगी कार्रवाई
1 चालान कटेगा – अगर कोई दोपहिया वाहन एक्सप्रेसवे पर पकड़ा गया, तो नियमानुसार चालान किया जाएगा।
2 लाइसेंस निरस्त हो सकता है – लगातार नियम तोडऩे पर वाहन चालक का ड्राइविंग लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है।
3 वाहन सीज किया जाएगा – यदि कोई बार-बार नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसका वाहन जब्त किया जा सकता है।
क्या है नियम?
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तेज गति के वाहनों के लिए बनाए गए हैं, जहां दोपहिया, ऑटो और ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे वाहन प्रतिबंधित हैं। इसके बावजूद कई बाइक सवार एक्सप्रेसवे पर जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे थे, जिससे हादसों की आशंका बढ़ गई थी। इसी के चलते प्रशासन ने सख्ती बरतने का फैसला किया था।
















