बैंक बढ़ाए साख-जमा अनुपात, योजनाओं को ऋण कराए उपलब्ध: दीपक मीणा

-बैंकिंग योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश, साख-जमा अनुपात बढ़ाने पर जोर

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद के बैंकों के अधिकारियों को जिले की विकास योजनाओं में सक्रिय सहभागिता निभाने के लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बैंक के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैंक साख-जमा अनुपात बढ़ाने के साथ विकासपरक सरकारी योजनाओं के लिए ऋण उपलब्ध कराएं। शनिवार को विकास भवन के दुर्गावती देवी सभागार में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जिला स्तरीय बैंकिंग समन्वय समिति एवं बैंकिंग समीक्षा समिति की बैठक  की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल,जिला विकास अधिकारी प्रज्ञा श्रीवास्तव,जिला सूचना अधिकारी योगेंद्र प्रताप सिंह,एलडीओ आरबीआई  कौशल किशोर,नाबार्ड की डीडीएम कुमारी अलका,उपायुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान एवं सभी बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधक एवं जिला समन्वयक आदि उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी ने जनपद के सभी बैंकों को जिले के विकास योजनाओं में सक्रिय सहभागिता के संबंध में दिशा-निर्देश दिए। अग्रणी जिला प्रबंधक बुद्ध राम ने बैंक की दिसंबर तिमाही 2024 तक की उपलब्धि पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान सभी बैंकों द्वारा दिसंबर 2024 तक प्राप्त की गई उपलब्धियों की क्रमवार समीक्षा की गई। दिसंबर तिमाही में जिले के जिन बैंक के साख-जमा अनुपात निर्धारित मानक से कमी पाई गई,इस पर जिलाधिकारी ने सभी बैंकों के जिला समन्वयकों को जिले में साख-जमा अनुपात को बढ़ाने के लिए निर्देशित किया।

इसके साथ ही प्रमुख बैंकों के सीडी अनुपात की गंभीरता से समीक्षा की गई। जिनका सीडी अनुपात 40 प्रतिशत से भी कम पाया गया। उसके संबंध में जिला समन्वयकों से कारण पूछा गया। विशेष रूप से पीएनबी बैंक पर जोर दिया गया। पीएनबी एवं कुछ बैंकों ने बताया कि उनके बड़े अग्रिमों का लेखा-जोखा दिल्ली और नोएडा जिले में था। उनकी प्रोसेसिंग सेंट्रल हब में की गई थी। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने इन बैंकों को गाजियाबाद जिले के अंतर्गत ऐसे डेटा की रिपोर्ट प्रेषित करने का निर्देश दिया। जिससे जिले का सीडी अनुपात वास्तविक स्थिति को दर्शा सकें।