-लोगों की समस्याओं का तेजी से समाधान, जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की सख्ती का असर
-सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक खास मॉनिटरिंग, लापरवाह बाबुओं पर कसी नकेल
– म्यूटेशन, रजिस्ट्री, फ्री होल्ड, रिफंड समेत सैकड़ों मामलों में मिली सफलता
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने एक अभूतपूर्व पहल करते हुए लंबित संपत्ति मामलों के निस्तारण में जबरदस्त सफलता हासिल की है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के नेतृत्व में बीते छह महीनों के भीतर 2500 से अधिक लंबित प्रकरणों का समाधान किया गया। इनमें कई ऐसे मामले शामिल थे, जो वर्षों से लंबित पड़े थे और आवंटियों को लंबे समय से परेशानी झेलनी पड़ रही थी। लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए जीडीए ने कार्य प्रणाली में बड़ा सुधार किया और मामलों के निस्तारण की गति को तेज किया। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए विशेष मॉनिटरिंग की गई, जिससे प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सका। जीडीए के इस अभियान के तहत म्यूटेशन (नामांतरण), रिफंड, डुप्लीकेट ऑर्डर, फ्री होल्ड, रजिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण मामलों को तेजी से निपटाया गया।
प्राधिकरण ने यह सुनिश्चित किया कि लापरवाही और अनावश्यक देरी को खत्म किया जाए। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे हर फाइल को निर्धारित समयसीमा में पूरा करें। जीडीए के इस कदम से हजारों आवंटियों को राहत मिली है, जो सालों से अपनी संपत्ति से जुड़े मामलों के हल होने का इंतजार कर रहे थे। इस ऐतिहासिक पहल से प्राधिकरण की कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव आया है और आवंटियों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है। जीडीए ने साफ कर दिया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और लंबित मामलों के समाधान की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि सबसे अधिक म्यूटेशन के मामले लंबित थे, जो बाबुओं की लापरवाही के कारण महीनों से अटके हुए थे। लेकिन अब सख्त आदेश जारी किए गए हैं कि हर फाइल तय समयसीमा में निपटाई जाए।
आम जनता को राहत
इस कार्रवाई से हजारों आवंटियों को बड़ी राहत मिली है, जिनकी फाइलें सालों से अटकी हुई थीं। जीडीए ने यह सुनिश्चित किया है कि अब कोई भी मामला अनावश्यक रूप से लंबित न रहे और नागरिकों को तेजी से सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
अब और तेजी से होगा निस्तारण
जीडीए प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटाने के लिए प्रक्रियाओं को और आसान और पारदर्शी बनाया जाएगा। जीडीए की इस मुहिम से हजारों लोगों को राहत मिली है, जिससे जनता में प्राधिकरण के प्रति विश्वास बढ़ा है।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) में संपत्ति संबंधी मामलों के निस्तारण को प्राथमिकता दी जा रही है। बीते छह महीनों में 2500 से अधिक लंबित प्रकरणों का समाधान किया गया है, जिनमें सबसे अधिक म्यूटेशन (नामांतरण) के मामले थे। यह मामले बाबुओं की लापरवाही के कारण महीनों से अटके हुए थे, लेकिन अब सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सभी प्रकरणों का समाधान तय समयसीमा में किया जाए।

जीडीए अपर सचिव
जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के निर्देशानुसार, सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक लंबित मामलों के निस्तारण पर विशेष फोकस किया जा रहा है। म्यूटेशन, रिफंड, डुप्लीकेट ऑर्डर, फ्री होल्ड, रजिस्ट्री जैसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी मामला अनावश्यक रूप से लंबित न रहे और आवंटियों को शीघ्र समाधान मिले। प्राधिकरण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रदीप कुमार सिंह
जीडीए अपर सचिव
















