पावन चिंतन धारा आश्रम में धूमधाम से मनाया गया सनातन नववर्ष उत्सव

-देशभर में निकाली गई बधाई यात्रा, गाजियाबाद में उमड़ा जनसैलाब
-संस्कृति से जुडऩे का अवसर, सनातन संस्कृति की अद्भुत झलक

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। पावन चिंतन धारा आश्रम के तत्वावधान में संचालित युवा अभ्युदय मिशन द्वारा देशभर में सनातन नववर्ष (नव संवत्सर 2082) का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर 30 बड़े शहरों में बधाई यात्राएँ निकाली गईं, जिनमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु और भक्तजन शामिल हुए। सनातन नववर्ष, जिसे चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के रूप में मनाया जाता है, सृष्टि की रचना का दिवस माना जाता है। इसी उपलक्ष्य में गाजियाबाद स्थित पावन चिंतन धारा आश्रम द्वारा परम पूज्य डॉ. पवन सिन्हा ‘गुरुजीÓ के मार्गदर्शन में भव्य बधाई यात्रा निकाली गई। यह यात्रा दुर्गा भाभी चौक, नवयुग मार्केट से प्रारंभ होकर अग्रसेन बाजार होते हुए घंटाघर चौक तक पहुंची, जहां भारत माता की आरती के साथ यात्रा का समापन हुआ। इस अवसर पर शहर के विधायक संजीव शर्मा, मुरादनगर के विधायक अजीत पाल त्यागी, वीर चक्र प्राप्त रिटायर्ड कर्नल टी. पी. त्यागी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्थानों पर फूलों की वर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया।

इस पावन अवसर पर ऋषिकुलशाला के बच्चों ने माँ दुर्गा के भजनों पर नृत्य प्रस्तुत कर सनातन संस्कृति का प्रचार किया। भक्तिभाव से ओतप्रोत यह यात्रा पूरे क्षेत्र को सनातन संस्कृति एवं नवरात्रि के रंग में रंगने में सफल रही। इस अवसर पर परम पूज्य गुरुजी डॉ. पवन सिन्हा ने उपस्थित भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि आज पूरा विश्व भारत के आध्यात्मिक मॉडल की ओर देख रहा है। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में भी यह स्वीकार किया गया कि भारत के आध्यात्मिक सिद्धांतों के आधार पर ही विश्व आगे बढ़ सकता है। उन्होंने नव संवत्सर की भविष्यवाणी करते हुए कहा कि इस वर्ष संबंधों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी, साथ ही प्राकृतिक आपदाओं में वृद्धि हो सकती है। भारत विश्व का एकमात्र ऐसा देश है जिसकी जन्मतिथि किसी को ज्ञात नहीं, इसलिए इसका अंत भी असंभव है।

शहर के विधायक संजीव शर्मा ने कार्यक्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि कि ऋषिकुलशाला जैसी संस्थाओं का विस्तार हर राज्य में होना चाहिए, ताकि हमारी संस्कृति का संरक्षण किया जा सके। वहीं, वीर चक्र प्राप्त रिटायर्ड कर्नल टी. पी. त्यागी ने गाजियाबाद के बच्चों और युवाओं के चरित्र निर्माण में पावन चिंतन धारा आश्रम के योगदान की सराहना की। देशभर के विभिन्न शहरों से आए भक्तों ने इस पावन आयोजन में भाग लिया, जिससे समूचा क्षेत्र सनातन संस्कृति के उल्लास से गूंज उठा। चारों ओर “जय माता दी” और “भारत माता की जय” के जयघोष सुनाई दिए। इस अवसर पर आदरणीय गुरुमाँ डॉ. कविता अस्थाना, अनिल अग्रवाल ‘साँवरियाÓ, आशुतोष गुप्ता, देवेंद्र हितकारी, राजीव शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पावन चिंतन धारा आश्रम द्वारा आयोजित यह नववर्ष उत्सव सनातन संस्कृति के प्रति नई पीढ़ी को जागरूक करने और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार का एक उत्कृष्ट उदाहरण रहा।