शराब पीना मंजूर, लेकिन कानूनी दुकानें नहीं? विरोधियों की दोगली नीति उजागर!

-नई आबकारी नीति के तहत खोली गई शराब की दुकानों का बेवजह विरोध, असामाजिक तत्वों पर होगी सख्त कार्रवाई

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। प्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति के तहत 1 अप्रैल से नियमित और मानकों के अनुरूप खोली गई शराब की दुकानों का कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बेवजह विरोध करने का मामला प्रकाश में आ रहा है। ये लोग पर्दे के पीछे से या भीड़ में शामिल होकर जनता को गुमराह करने और प्रदेश के सभीा जिले का माहौल बिगाडऩे का प्रयास कर रहे हैं। जबकि, आबकारी विभाग द्वारा सभी नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ही दुकानों की अनुमति दी गई है। शराब की दुकानें पहली बार नहीं खोली गई हैं, फिर भी कुछ स्वार्थी तत्व अपने निजी लाभ और राजनीतिक एजेंडे के तहत विरोध कर रहे हैं। विरोध करने वालों में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जो खुद शराब का सेवन करते हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से विरोध का नाटक कर रहे हैं। जिससे उनकी कमाई का अवैध धंधा चलता रहे। यह हाल सिर्फ गाजियाबाद का ही नहीं है, यह विरोध अगर देखा जाए तो प्रदेश के सभी जिलों में अब दिखाई देने लगा है। सरकार और आबकारी विभाग ने शराब की दुकानों को खोलने के लिए कड़े मानक तय किए हैं। इसका मकसद अवैध शराब की बिक्री रोकना, जनता को उचित मूल्य पर स्वच्छ उत्पाद उपलब्ध कराना और सरकार के राजस्व में वृद्धि करना है।

• स्कूल, कॉलेज, मंदिर, मस्जिद और रिहायशी इलाकों से उचित दूरी का ध्यान रखा गया है।
• कानूनी रूप से स्वीकृत दुकानों को ही लाइसेंस दिया गया है।
• अवैध शराब बिक्री और अव्यवस्थित संचालन पर सख्त कार्रवाई होगी।
• नियमित निरीक्षण और निगरानी के लिए विशेष टीम गठित की गई है।
इसके बावजूद, कुछ असामाजिक तत्व अपने निजी स्वार्थ के लिए इस कानूनी व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं और जनता को गुमराह कर रहे हैं।

विरोधियों की दोहरी मानसिकता
शहर में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां विरोध करने वाले लोग ही शाम होते ही नुक्कड़ों या अपने घरों में बैठकर शराब का सेवन करते हैं। सवाल यह उठता है कि अगर उन्हें शराब से इतनी ही परेशानी है, तो वे खुद इसका सेवन क्यों करते हैं। शराब सभी को चाहिए, मगर उनके घर के पास न हो और अगर आसपास हो तो वहां से भी कमीशन मिलता रहें। प्रशासन का कहना है कि जो लोग विरोध कर रहे हैं, वे कहीं न कहीं अवैध शराब कारोबार से जुड़े हो सकते हैं या फिर राजनीतिक फायदे के लिए माहौल बिगाडऩा चाहते हैं। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने साफ कर दिया है कि जो भी लोग झूठी अफवाहें फैलाकर जनता को भड़का रहे हैं या जिले का शांतिपूर्ण माहौल बिगाडऩे की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ
•  जिले में धारा 144 लागू है, भीड़ जमा करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
•  कानूनी रूप से स्वीकृत दुकानों के खिलाफ हिंसक विरोध करने वालों पर मामला दर्ज किया जाएगा।
•  अगर कोई व्यक्ति या समूह झूठी सूचना फैलाता है, तो साइबर क्राइम सेल की मदद से उन पर कार्रवाई होगी।

जनता से अपील – अफवाहों से बचें, कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें
आबकारी विभाग और जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों और भ्रामक प्रचार से बचें। यदि किसी को नई आबकारी नीति या शराब की दुकानों को लेकर कोई समस्या हो, तो वे सीधे विभाग से संपर्क करें और अपनी शिकायत दर्ज कराएं। शराब की अवैध बिक्री को रोकना, सरकारी राजस्व को बढ़ाना और लोगों को स्वच्छ उत्पाद उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। कोई भी व्यक्ति व्यक्तिगत स्वार्थ के कारण कानून-व्यवस्था बिगाडऩे की कोशिश न करे, अन्यथा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और असामाजिक तत्वों को माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं गाजियाबाद जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम ने सभी जिला आबकारी निरीक्षकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा, जिले में यदि नियमों के विपरीत कोई शराब की दुकान खोली गई तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह विरोध पूर्व में नहीं था, मगर पिछले कुछ दिनों से शिकायतें मिल रही है। जिसकी जांच भी की जा रही है। प्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति के तहत सभी जिलों में शराब की दुकानें सख्त नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार खोली गई हैं। किसी भी दुकान को खोलने से पहले स्कूल, कॉलेज, धार्मिक स्थल और रिहायशी इलाकों की दूरी का विशेष ध्यान रखा गया है।

उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को लगता है कि उनके क्षेत्र में कोई शराब की दुकान नियमों के खिलाफ खोली गई है, तो वे तुरंत संबंधित जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय में आकर शिकायत कर सकते हैं। सभी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी। आबकारी अधिकारी ने असामाजिक तत्वों द्वारा जिले में माहौल बिगाडऩे की कोशिशों पर भी सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए नियमानुसार खोली गई दुकानों का विरोध कर रहे हैं और जनता को गुमराह कर रहे हैं। ऐसे लोगों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, और यदि वे माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

संजय कुमार प्रथम
जिला आबकारी अधिकारी

जनपद में सभी दुकानें नियमानुसार खोली गई है। आबकारी विभाग का उद्देश्य किसी भी समुदाय, व्यक्ति या समूह की भावना आहत करना नहीं है। विभाग केवल नियमानुसार शराब की बिक्री को नियंत्रित करने और अवैध शराब की बिक्री को रोकने के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना से बचें और यदि कोई समस्या हो तो सीधे विभाग से संपर्क करें। हम पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहे हैं। यदि कोई दुकान नियमों के विरुद्ध है, तो हम कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। लेकिन यदि कुछ लोग माहौल बिगाडऩे का प्रयास करेंगे, तो उनके खिलाफ भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। सभी शराब विक्रेताओं को भी सख्त निर्देश दिए गए है, नियमानुसार ही दुकानों का संचालन करें और इंस्पेक्टरों को भी दुकान किस स्थल पर है और नियम के विरुद्ध तो नहीं है, इसकी लगातार जांच कर रहे है।
संजय कुमार प्रथम
जिला आबकारी अधिकारी