-137 शिकायतों में 11 का मौके पर हुआ निस्तारण, निर्माणाधीन तहसील का किया निरीक्षण
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद गाजियाबाद की तीनों तहसीलों में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एक बार फिर से अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। कुल 137 शिकायतों में से मात्र 11 का ही मौके पर निस्तारण हो सका, जिससे लोगों में निराशा दिखी। डीएम दीपक मीणा ने इसे गंभीरता से लेते हुए साफ निर्देश दिए कि समाधान दिवस में आई हर शिकायत का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण अनिवार्य है। लोनी तहसील में डीएम दीपक मीणा स्वयं समाधान दिवस की अध्यक्षता कर रहे थे, जहां कुल 54 शिकायतें आईं, लेकिन मौके पर सिर्फ 2 का ही निस्तारण हो पाया। इस पर डीएम ने संबंधित विभागों को फटकार लगाते हुए कहा कि जनता की शिकायतों को प्राथमिकता से निपटाया जाए और फीडबैक लेना भी सुनिश्चित किया जाए।
डीएम दीपक मीणा ने कहा जनता की समस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। संपूर्ण समाधान दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि लोगों के विश्वास का मंच है। सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और प्रभावी समाधान हो। लापरवाही या टालमटोल किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर एसडीएम राजेंद्र कुमार, सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन, जिला विकास अधिकारी प्रज्ञा श्रीवास्तव, अधिशासी अधिकारी केके मिश्रा और एसीपी सूर्यबली मौर्य सहित तमाम विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
बंथला में जल्द शुरू होगी नई तहसील, डीएम ने दिए निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
संपूर्ण समाधान दिवस के आयोजन के बाद जिलाधिकारी दीपक मीणा शनिवार को लोनी के बंथला क्षेत्र पहुंचे, जहां वे नव निर्माणाधीन तहसील परिसर का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की और संबंधित विभागों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि क्षेत्रीय जनता को प्रशासनिक सेवाओं की सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्माण में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए ठेकेदार और निर्माण एजेंसी को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और कार्य में गति लाई जाए।
लोनी क्षेत्र में तेजी से बढ़ती आबादी और प्रशासनिक दबाव को देखते हुए बंथला में नई तहसील की स्थापना हो रही है। अब लोगों को जरूरी प्रशासनिक कार्यों के लिए मुख्यालय या अन्य तहसीलों में भटकना नहीं पड़ेगा। डीएम ने कहा कि नई तहसील लोनी क्षेत्र के नागरिकों के लिए एक बड़ी सुविधा साबित होगी। इसका निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर जनता को समर्पित किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन की इंजीनियरिंग टीम और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। डीएम ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच करते हुए मौके पर ही कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अन्य तहसीलों में भी शिकायतों की भरमार, समाधान की कमी
मोदीनगर तहसील में एडीएम एलए विवेक कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में कुल 45 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से सिर्फ 3 का ही निस्तारण हो सका। वहीं सदर तहसील के नेहरूनगर स्थित सामुदायिक केंद्र में 38 शिकायतों में से 6 का ही समाधान हुआ।
137 में 11 शिकायतों का निस्तारण
तीनों तहसीलों सदर, मोदीनगर और लोनी से मिली कुल 137 शिकायतों में से सिर्फ 11 का ही मौके पर समाधान हो सका। जिलाधिकारी ने दोहराया कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।


















