-कॉलोनाइजर से पुलिस की तीखी नोकझोंक, उपाध्यक्ष बोले- दोबारा निर्माण पर दर्ज होगी एफआईआर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। अनाधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) का बुलडोजर एक बार फिर गरजा। सोमवार को मुरादनगर गंगनहर रोड स्थित डिडौली गांव में लगभग 50 बीघा क्षेत्रफल में अवैध रूप से बसाई जा रही कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया गया। कॉलोनाइजर द्वारा बनाई गई इंटरलॉकिंग सड़कों, बाउंड्री वॉल और अन्य निर्माण कार्यों को मौके पर ही बुलडोजर से मिट्टी में मिला दिया गया। कार्रवाई के दौरान कॉलोनाइजर और किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध किया और पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस बल ने सख्ती दिखाते हुए हालात को काबू में किया और कार्रवाई को पूरा कराया।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने प्रवर्तन जोन-2 के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसी किसी भी अवैध कॉलोनी को दोबारा विकसित नहीं होने दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर फिर से निर्माण कार्य होते पाए गए तो तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अनधिकृत कॉलोनियां न सिर्फ शहर के सुनियोजित विकास में बाधक हैं, बल्कि नागरिकों को बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित करती हैं। इसलिए इन पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है।
प्रवर्तन जोन-2 के प्रभारी अधिशासी अभियंता वीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। टीम में सहायक अभियंता, अवर अभियंता और जीडीए पुलिस बल शामिल था। बताया गया कि डिडौली के खसरा संख्या 839 और 840 पर संदीप चौधरी द्वारा बिना किसी स्वीकृति के कॉलोनी काटी जा रही थी। एक ओर जहां जीडीए ने सख्ती से अवैध निर्माण पर लगाम कसने की मंशा दिखाई, वहीं विरोध करने वालों को पुलिस ने मौके पर ही सख्त चेतावनी दी। इंस्पेक्टर नरेश कुमार सिंह ने हंगामा कर रहे लोगों को डांटते हुए कार्रवाई में बाधा डालने पर कानूनी परिणाम भुगतने की बात कही। कुछ देर की झड़प के बाद माहौल शांत हुआ और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी की गई। बिना मंजूरी के अब कोई भी कॉलोनी पनपने नहीं दी जाएगी। जीडीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस तरह के अवैध निर्माणों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा।

















