अब बीट में नहीं छुप पाएंगे अपराधी: 10 साल से रह रहे अपराधियों की होगी केवाईसी

-पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ का निर्देश, बीपीओ प्रणाली के तहत अपराधियों की होगी पूरी प्रोफाइलिंग
-‘ऑपरेशन कनविक्शन’ को मिलेगी धार, अपराधियों को दिलाई जाएगी सख्त सजा
-बीट स्तर पर अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने का बनेगा मजबूत सूचना तंत्र

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद अपराध पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ ने बड़ा निर्देश जारी किया है। बीट पुलिस ऑफिसर (बीपीओ) प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाते हुए अब बीट क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों से निवासरत अपराधियों की ‘नॉऊ योअर क्रिमिनलÓ (केवाईसी) की जाएगी। यानी अपराधियों की पूरी प्रोफाइलिंग कर उनकी पहचान, गतिविधियों और पृष्ठभूमि का डाटा पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। सोमवार को हरसांव स्थित रिजर्व पुलिस लाइन के परमीज हॉल में आयोजित समीक्षा बैठक में पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट कहा कि अब अपराधियों की हर हरकत पर पुलिस की पैनी निगाह रहेगी। बैठक में एडिशनल पुलिस कमिश्नर (अपराध एवं कानून व्यवस्था) आलोक प्रियदर्शी, डीसीपी सिटी धवल जायसवाल समेत नगर जोन के सभी एसीपी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। जे. रविन्दर गौड़ ने सख्त निर्देश दिए कि हर बीट क्षेत्र के बीपीओ यह सुनिश्चित करें कि 10 साल या उससे अधिक समय से क्षेत्र में रह रहे किसी भी आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति की पूरी जानकारी पुलिस के पास हो। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित विवेचना प्रणाली को प्राथमिकता देते हुए ऑपरेशन कनविक्शन को मजबूती दी जाए, जिससे अपराधियों को सजा दिलाने की दर में वृद्धि हो। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अपराधियों को सिर्फ पकडऩा ही नहीं, बल्कि उन्हें सजा दिलाना भी उतना ही जरूरी है। इसके लिए थाना स्तर पर केस की विवेचना में पारदर्शिता और प्रमाणों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधों की रोकथाम के लिए लंबे समय से सक्रिय और शातिर अपराधियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस कमिश्नर की इस रणनीति से साफ है कि अब गाजियाबाद पुलिस अपराधियों को पनपने नहीं देगी और बीट स्तर पर मजबूत जानकारी तंत्र विकसित कर अपराधियों पर नकेल कसेगी। पुलिस की इस मुहिम से शहर में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।