आईआरएडी ऐप से सड़क हादसों पर लगाम की तैयारी, गाजियाबाद पुलिस को मिला विशेष प्रशिक्षण

-अब हर सड़क दुर्घटना का पूरा ब्योरा ऐप पर दर्ज करना अनिवार्य, ब्लैक स्पॉट चिन्हीकरण और दुर्घटनाओं में कमी लाना है लक्ष्य

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाने और उनकी सटीक जानकारी जुटाने के लिए गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस अब पूरी तरह से तकनीकी मंच पर आगे बढ़ रही है। पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ की नई पहल के तहत जनपद में होने वाली प्रत्येक सड़क दुर्घटना का विवरण अब आईआरएडी (इंटिग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस) ऐप पर दर्ज किया जाएगा। सोमवार को हरसांव स्थित पुलिस लाइन के परमजीत हॉल में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें कमिश्नरेट के तीनों जोन के थानों से चुने गए उपनिरीक्षकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को ऐप के प्रयोग का प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर एडीसीपी ट्रैफिक सच्चिदानंद और एसीपी ट्रैफिक जियाउद्दीन अहमद भी उपस्थित रहे।

आईआरएडी ऐप वर्ष 2021 से जिले में क्रियाशील है, लेकिन अब इसे पूरी तरह से लागू किया जा रहा है। एडीसीपी सच्चिदानंद ने बताया कि ऐप का उद्देश्य दुर्घटनाओं का ऑनलाइन व गुणवत्तापूर्ण डेटा एकत्र करना है ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पहचान की जा सके। साथ ही, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई जैसे विभागों के साथ समन्वय कर ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित किया जा सकेगा। एनआईसी के डिस्ट्रिक्ट रोल आउट मैनेजर एसबी तिवारी ने सभी थानों के उपनिरीक्षकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को ऐप के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया।

एडीसीपी ने निर्देशित किया कि सड़क दुर्घटना होने की स्थिति में विवेचक पर जाकर फॉर्मेट के अनुसार जानकारी ऐप में दर्ज करें, और कंप्यूटर ऑपरेटर इसे अपडेट कर परिवहन विभाग को भेजें। जिन पुलिसकर्मियों की आईडी अभी तक ऐप पर नहीं बनी है, उन्हें तीन दिन में आईडी तैयार कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, जो भी केस अधूरे दर्ज हैं, उन्हें माह के अंत तक पूरा करना अनिवार्य किया गया है। एडीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि भविष्य में यह कार्यशालाएं नियमित रूप से कराई जाएंगी, जिससे पुलिसकर्मियों को ऐप का पूर्ण प्रशिक्षण मिल सकेगा और जिले में दुर्घटनाओं की संख्या घटाने की दिशा में प्रभावी और पारदर्शी प्रयास किए जा सकेंगे।