विद्युत वितरण एक आवश्यक सेवा है, इसे हर हाल में सुचारू रखें: दीपक मीणा

-संविदा कर्मियों की प्रस्तावित हड़ताल पर सख्त रुख, अधिकारियों को दिए बैकअप प्लान तैयार रखने के निर्देश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। संविदाकर्मी यूनियन की प्रस्तावित 72 घंटे की प्रदेशव्यापी हड़ताल को लेकर जिलाधिकारी दीपक मीणा ने प्रशासनिक मोर्चा संभाल लिया है। कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में सोमवार को आयोजित बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इसे आवश्यक सेवा बताते हुए इसकी सतत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संबंधित सभी विभागों को तैयार रहने को कहा। डीएम मीणा ने विद्युत विभाग के अधिकारियों और संविदा एजेन्सियों को निर्देशित किया कि वे हड़ताल के दौरान वैकल्पिक व्यवस्थाओं को सक्रिय करें। उन्होंने कहा कि कार्य बहिष्कार से पहले ही बैकअप प्लान तैयार कर लें और वर्कफोर्स की सूची प्रशासन को उपलब्ध कराएं ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।

उन्होंने निर्देश दिए कि जो भी व्यक्ति कर्मचारियों को हड़ताल के लिए भड़काते या प्रेरित करते पाए जाएं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी इस तरह की गतिविधियों में शामिल होता है तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई निश्चित की जाएगी। डीएम मीणा ने कहा कि विद्युत वितरण केवल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ही नहीं, बल्कि अस्पतालों, डेटा सेंटर्स और आपात सेवाओं के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसकी सतत आपूर्ति किसी भी हाल में बाधित नहीं होनी चाहिए।

इस उच्चस्तरीय बैठक में जीडीए सचिव राजेश सिंह, मुख्य अभियंता जोन-1 अशोक कुमार, जोन-2 के नरेश भारती, जोन-3 के दीपक अग्रवाल सहित अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। डीएम दीपक मीणा की कार्यशैली में त्वरित निर्णय क्षमता, आपदा प्रबंधन की तत्परता और नागरिक सेवाओं के प्रति गहरी संवेदनशीलता झलकती है। यह बैठक प्रशासन की सतर्कता और तैयारी का प्रत्यक्ष उदाहरण है कि जनहित को किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।