-जंगल में छिपा रखी थी अवैध शराब, 600 किलो लहन और भट्टी नष्ट, शराब से भरे ड्रम बरामद
-माफियाओं के मंसूबे पर आबकारी विभाग की टीम फेर रही पानी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद गाजियाबाद के हिंडन खादर क्षेत्र में एक बार फिर अवैध शराब माफियाओं ने अपने काले कारोबार को जिंदा करने की कोशिश की, लेकिन आबकारी विभाग की सतर्क निगाहों और सख्त कार्रवाई ने उनके मंसूबों को चकनाचूर कर दिया। इस पूरे अभियान की अगुवाई कर रहे जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम और उनकी जुझारू टीम ने अवैध शराब के जाल को उखाड़ फेंकने का बीड़ा उठा रखा है। उनकी रणनीति और टीम की मुस्तैदी के चलते शराब माफिया आज चारों ओर से घिर चुके हैं। शनिवार को जिला आबकारी निरीक्षक अखिलेश बिहार वर्मा और मेरठ प्रवर्तन टीम के निरीक्षक रणविजय सिंह, कृति सिंह, राकेश कुमार, अशोक कुमार की संयुक्त टीम ने थाना लोनी, शमशेरपुर और मुरादनगर क्षेत्र के हिंडन खादर के जंगलों में जबरदस्त छापेमारी की।
जंगल के भीतर बनीं शराब भट्ठी को ध्वस्त करते हुए टीम ने 32 लीटर कच्ची अवैध शराब बरामद की, जबकि लगभग 600 किलोग्राम लहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। छिपाकर रखे गए छह बड़े ड्रम और दो छोटी कैन भी बरामद की गईं, जिनका उपयोग कच्ची शराब को तैयार करने में किया जा रहा था। इस पूरी कार्रवाई के पीछे जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम की सूझबूझ और कार्ययोजना है, जिनकी अगुवाई में जिले भर में अवैध शराब के खिलाफ अभियान लगातार तेज किया गया है। संजय कुमार का स्पष्ट निर्देश है कि अवैध शराब के कारोबार को न केवल खत्म किया जाए, बल्कि इसकी जड़ों तक पहुंचकर पूरी व्यवस्था को नेस्तनाबूद किया जाए। उन्होंने कहा कि हमें न केवल माफियाओं को पकडऩा है, बल्कि उस तंत्र को भी ध्वस्त करना है जो इस कारोबार को जिलों में पनपने का अवसर देता है। हमारी टीमें दिन-रात एक कर काम कर रही हैं। न सिर्फ कार्रवाई की जा रही है, बल्कि गांवों में जाकर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
आमजन का सहयोग इस मुहिम को निर्णायक बनाएगा। प्रवर्तन टीम की त्वरित और सटीक कार्रवाई, खुफिया इनपुट्स की सक्रियता और निरीक्षकों की फील्ड पर मौजूदगी यह बताने के लिए काफी है कि आबकारी विभाग अब सिर्फ कागज़ी कार्रवाई नहीं कर रहा, बल्कि ज़मीनी स्तर पर ठोस परिणाम दे रहा है। टीम हर सुबह अभियान की रणनीति बनाती है, दिनभर फील्ड में रहती है और रात को रिपोर्टिंग कर अगली कार्ययोजना तय करती है। यह पहली बार नहीं है जब आबकारी विभाग ने इस स्तर पर जंगलों में दबिश दी हो। इससे पहले भी कई बार टीमों ने माफियाओं की कमर तोड़ी है, मगर इस बार अभियान में जिस तरह मेरठ प्रवर्तन टीम को भी शामिल किया गया, वह दर्शाता है कि अब यह लड़ाई जिले की सीमाओं से ऊपर उठ चुकी है।
आबकारी विभाग की टीम न केवल दबिश दे रही है, बल्कि ग्रामीणों को यह भी समझा रही है कि कच्ची शराब का सेवन न केवल स्वास्थ्य के लिए घातक है, बल्कि समाज को अंदर से खोखला कर देता है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल विभाग को दें। गाजियाबाद को अवैध शराब मुक्त बनाने की इस मुहिम में जिला प्रशासन, आबकारी विभाग और प्रवर्तन टीमें एक साथ कदमताल कर रही हैं। आने वाले दिनों में यह अभियान और भी अधिक तेज होगा और माफियाओं को कानून के शिकंजे में जकड़कर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।
















