अपराध पर सख्ती के लिए गाजियाबाद पुलिस को कानूनी हथियारों का प्रशिक्षण

-बीएनएस की धाराओं, फॉरेंसिक तकनीकों और साक्ष्य संकलन पर आयोजित हुई कार्यशाला

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और अपराधियों पर कानूनी शिकंजा कसने के उद्देश्य से रविवार को पुलिस लाइन स्थित परमजीत हॉल में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विशेष धाराओं, फॉरेंसिक तकनीकों, साक्ष्य संकलन और गैंगस्टर एक्ट की कानूनी प्रक्रिया पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। एडिशनल पुलिस कमिश्नर (अपराध एवं कानून व्यवस्था) आलोक प्रियदर्शी ने सहायक पुलिस आयुक्तों, थाना प्रभारियों और शाखा प्रभारियों के साथ बैठक कर उन्हें नए कानूनों, स्पेशल एक्ट और कानूनी प्रक्रियाओं की बारीकियों से अवगत कराया।

उन्होंने कहा कि अपराधियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत सख्त कार्रवाई की जाए, जिससे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। कार्यशाला में चेन ऑफ कस्टडी, डिजिटल और भौतिक साक्ष्य की संकलन प्रक्रिया तथा फॉरेंसिक साइंस के व्यावहारिक उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया। यह प्रशिक्षण पुलिस कर्मियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर न्याय प्रक्रिया को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


आलोक प्रियदर्शी, एडिशनल पुलिस कमिश्नर (अपराध एवं कानून व्यवस्था)

नए कानूनों और तकनीकी प्रक्रियाओं की सही समझ पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाती है। बीएनएस की धाराओं, साक्ष्य संकलन और फॉरेंसिक के प्रयोग में दक्षता से अपराधियों पर मजबूत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हमारा प्रयास है कि हर पुलिस अधिकारी तकनीकी और कानूनी दोनों स्तरों पर पूरी तरह सशक्त हो, ताकि अपराध पर सख्त नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
आलोक प्रियदर्शी, एडिशनल पुलिस कमिश्नर (अपराध एवं कानून व्यवस्था)