शहीद सिपाही सौरभ की शहादत का बदला, पुलिस मुठभेड़ में दो आरोपी घायल

-मसूरी पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई, आरोपियों ने कबूला सिपाही सौरभ पर फायरिंग में शामिल होने का जुर्म
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नोएडा से आई पुलिस टीम पर जानलेवा हमले और सिपाही सौरभ की शहादत के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सोमवार सुबह थाना मसूरी पुलिस और स्वाट टीम देहात ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो वांछित आरोपियों को मुठभेड़ में घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुठभेड़ की यह कार्रवाई नाहल गांव से जंगल की ओर जाने वाले रास्ते पर डीएमई अंडरपास के पास उस वक्त हुई जब पुलिस संदिग्धों की तलाश में गश्त कर रही थी। तभी एक बाइक पर दो युवक आते दिखे, जिन्हें पुलिस ने रुकने का इशारा किया, लेकिन उन्होंने फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैरों में गोली लगी और वे गिर पड़े। इसके बाद पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। एसीपी मसूरी लिपि नगायच ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नन्हू पुत्र इलियास और अब्दुल सलाम पुत्र अबरार, निवासी ग्राम नाहल, थाना मसूरी के रूप में हुई है।
पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि उन्होंने 25 मई की रात नोएडा से दबिश देने आई पुलिस टीम पर फायरिंग और पथराव किया था, जिसमें कांस्टेबल सौरभ शहीद हो गए थे और एक अन्य सिपाही सोनित घायल हुआ था। पुलिस ने मौके से दो तमंचे, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और एक स्प्लेंडर बाइक बरामद की है। अधिकारियों के मुताबिक, इन आरोपियों की गिरफ्तारी से सिपाही सौरभ की शहादत को इंसाफ मिलने की शुरुआत हो गई है। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या, सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस पर हमला करने सहित गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। मसूरी पुलिस और स्वाट टीम की इस संयुक्त सफलता को पूरे जिले में सराहना मिल रही है।
लिपि नगायच
एसीपी मसूरी
एक सिपाही ने अपनी जान देकर यह साबित कर दिया कि वर्दी सिर्फ पहनने की चीज नहीं है, यह एक जिम्मेदारी है, एक संकल्प है समाज की सुरक्षा का। एसीपी ने कहा कि पुलिस बल पर हमला सिर्फ एक व्यक्ति या विभाग पर हमला नहीं होता, यह पूरे कानून व्यवस्था और लोकतांत्रिक तंत्र पर सीधा प्रहार है। ऐसे हमलावरों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में खुद स्वीकार किया है कि उन्होंने ही 25 मई की रात सिपाही सौरभ और अन्य पुलिसकर्मियों पर हमला किया था। हमने मुठभेड़ के जरिए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया है, लेकिन हमारी कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी। जो भी इस हमले में शामिल रहा है, उसे कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। कानून से बड़ा कोई नहीं, और जो वर्दी पर हाथ उठाएगा, उसे यह कीमत चुकानी ही पड़ेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस बल पूरी मुस्तैदी से आगे की कार्रवाई में जुटा है और बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है। आम जनता से भी अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
लिपि नगायच 
एसीपी मसूरी