-हिंडन नदी को संजीवनी देने की तैयारी में जुटा प्रशासन
-नालों की टैपिंग, वृहद पौधारोपण, अपशिष्ट प्रबंधन और प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई के सख्त निर्देश
-मंडलायुक्त ने विभागों को दी जिम्मेदारियां, लापरवाही बरतने पर कार्यवाही के दिए निर्देश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। हिंडन नदी को निर्मल एवं स्वच्छ बनाने के लिए नदी के किनारे वृहद स्तर पर पौधारोपण किया जाए। हिंडन नदी में गिरने वाले सभी नालों को आवश्यकता के अनुरूप क्रमवार तरीके से जल्द ही अधूरे छोड़े गए कार्य को पूरा कराया जाए। शनिवार को विकास भवन दुर्गावती देवी सभागार में मेरठ मंडल के मंडलायुक्त ऋषिकेश भास्कर यशोद ने अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए यह दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा, जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, सीडीओ अभिनव गोपाल, अंडर ट्रेनी आईएएस अयान जैन, एसडीएम सदर अरूण दीक्षित, मोदीनगर एसडीएम निखिल चक्रवर्ती आदि विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मंडलायुक्त ऋषिकेश भास्कर ने निर्देशित किया कि हिंडन नदी में गिरने वाले सभी नालों को टैप्ड करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि हिंडन नदी के किनारे जहां भी जगह उपलब्ध हो। वहां पर वृहद स्तर पर पौधारोपण किया जाए। सभी खंड विकास अधिकारी प्रत्येक कम से कम एक नाले पर प्रदूषित मिट्टी या पानी को साफ (फाइटोरेमेडिएशन) का काम करना शुरू करें।
उन्होंने निर्देशित किया कि नालियों में बहने वाला अपशिष्ट सीधे हिंडन नदी में न जाने पाए। इसके लिए उन सभी नालियों को तालाबों से जोड़ा जाए। मंडलायुक्त ने गांवों में बन रहे वाटर स्टेबलाइजेशन पॉण्ड,सिल्ट कैचर तथा फिल्टर चैंबर की समीक्षा की। उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विकास मिश्रा को निर्देशित किया कि अननोटिफाइड इंडस्ट्रीज के इंडस्ट्रियल एफ्लूएंट के लिए चार्ट बनाएं। जिसमें प्रदूषित इंडिकेटर और उनका समय अंतराल भी हो। साथ ही उद्योग विभाग के साथ मिलकर इन इंडस्ट्रीज को ट्रेस करें तथा उनमें ईटीपी लगवा कर वाटर को ट्रीट किया जाना सुनिश्चित करें। मंडलायुक्त ने नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि सिंचाई विभाग के जो अननोटिफाईड नाले हिंडन में गिर रहे हैं। उन्हें प्रीवेंट कराए।
ठक में मंडलायुक्त को अधिकारियों ने अवगत कराया कि 6 एमएलडी का सीईटीपी जावली नाले के वाटर को शोधित करता है। उसे 16 एमएलडी का बनाया जाना प्रस्तावित है। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि हिंडन नदी में गिरने वाले सभी नालों को आवश्यकता के अनुरूप क्रमवार तरीके से टैप किया जाना सुनिश्चित किया जाएं। इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए जल्द कराया जाए। हिंडन नदी के किनारे जिस भी विभाग की जमीन हो एवं वह खाली हो। वहां पर पौधारोपण किया जाएं। जनपद में चल रही फैक्ट्रियों से निकलने वाले वेस्ट केमिकल से हिंडन नदी प्रदूषित हो रही है। उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।

















