मुरादनगर में जीडीए बुलडोजर का एक्शन: 100 बीघा में फैली दो अवैध कॉलोनियां जमींदोज

-उपाध्यक्ष अतुल वत्स के सख्त निर्देश पर की गई कार्रवाई, कॉलोनाइजर के विरोध के बावजूद नहीं रुकी ध्वस्तीकरण प्रक्रिया

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने सोमवार को मुरादनगर क्षेत्र की पाइप लाइन रोड पर स्थित दो बड़ी अनधिकृत कॉलोनियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई लगभग 100 बीघा क्षेत्रफल में फैली कॉलोनियों पर की गई, जहां बिना नक्शा स्वीकृत कराए इंटरलॉकिंग सड़कें, बाउंड्रीवाल, और अनधिकृत निर्माण धड़ल्ले से किए जा रहे थे। सोमवार को जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह,ओएसडी राजीव रत्न सिंह ने जीडीए  प्रवर्तन जोन-2 के प्रभारी अधिशासी अभियंता वीरेंद्र कुमार एवं प्रवर्तन जोन-3 के प्रभारी अधिशासी अभियंता योगेश पटेल, सहायक अभियंता रूद्रेश शुक्ला, सहायक अभियंता अनुज कुमार, सहायक अभियंता विनय वर्मा व अवर अभियंता और जीडीए पुलिस इंस्पेक्टर नरेश कुमार सिंह की मौजूदगी में अनाधिकृत कॉलोनियों को ध्वस्त कराया गया।

जीडीए प्रवर्तन टीम ने पहले ग्राम नवीपुर, खसरा संख्या-27 में अरुण चौधरी द्वारा काटी जा रही लगभग 50 बीघा कॉलोनी में बुलडोजर चलाया। इस कॉलोनी में मिट्टी भराई, इंटरलॉकिंग सड़क, निर्माण कार्य और प्लॉटिंग हो रही थी। दूसरी ओर, ग्राम सरना में आजाद पुत्र कल्लू मोहम्मद और फाजिल पुत्र नज़र मोहम्मद द्वारा खसरा संख्या 1308, 1256, 1258, 1273, 1275 पर काटी जा रही दूसरी कॉलोनी पर भी बुलडोजर चला। इस इलाके में बाउंड्रीवाल, साइट ऑफिस, दुकानें और सड़क निर्माण को ध्वस्त किया गया। ध्वस्तीकरण के दौरान स्थानीय कॉलोनाइज़र और निर्माणकर्ता जबरदस्त विरोध करने लगे, लेकिन जीडीए पुलिस बल की तत्परता के कारण उन्हें मौके से खदेड़ दिया गया। इसके बाद प्रवर्तन टीम ने निर्माण कार्य को पूरी तरह नियंत्रित करते हुए कॉलोनियों को जमींदोज किया।

मौके पर अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह और ओएसडी राजीव रत्न सिंह ने लोगों को चेतावनी दी कि अवैध निर्माण और अनधिकृत कॉलोनी को किसी भी हाल में नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने बताया कि अगले माह से और भी बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। जनता से अपील है कि वे बिना नक्शा पास और वैध अनुमति वाली जमीनों में निवेश न करें। अवैध कॉलोनियों पर चल रहे इस अभियान के तहत ऐसे निर्माण कभी भी गिराए जा सकते हैं, जिससे आम नागरिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।