• मुख्यमंत्री डैशबोर्ड और सीएमआईएस पोर्टल की समीक्षा बैठक में उठे सख्त सवाल
• डीएम दीपक मीणा ने सभी विभागों को दिए निर्देश, कार्य लंबित छोड़ा तो जिम्मेदार खुद होंगे अधिकारी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद गाजियाबाद के विकास कार्यों में गिरती रैंकिंग और करोड़ों की लागत वाली योजनाओं में हो रही देरी पर गुरुवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी विभागों को चेताया है कि अब कोई भी योजना अधूरी या पोर्टल पर अपूर्ण नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपनी टेबल पर कोई भी फाइल लंबित नहीं छोडऩी चाहिए, और रैंकिंग में हर हाल में सुधार सुनिश्चित किया जाए। दुर्गावती देवी सभागार में आयोजित इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड जिला अनुश्रवण पुस्तिका (राजस्व/विकास) और सीएमआईएस पोर्टल पर प्रदर्शित 1 करोड़ से अधिक लागत वाली विलंबित परियोजनाओं की रिपोर्ट की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जो भी कार्य आपके स्तर का है, उसका तत्काल निस्तारण करें।
यदि मामला अन्य स्तर का है तो बिना विलंब संबंधित अधिकारी को भेजें। विभागों के बीच समन्वय बनाकर काम करें, ताकि गाजियाबाद की रैंकिंग ऊंचाई पर पहुंचे। राजस्व से संबंधित 57 योजनाओं में से 49 योजनाएं जनपद में सक्रिय, जिनमें से ग्रेड ‘क’ में 31, ‘ख’ में 9, ‘ग’ में 4, ‘घ’ में 5 तथा 8 योजनाएं निष्क्रिय रहीं। विकास से संबंधित 87 योजनाओं में से 62 योजनाएं क्रियाशील, जिनमें 50 ‘क’ श्रेणी में, जबकि 25 योजनाएं अभी तक प्रारंभ नहीं की गईं। परियोजना निगरानी पोर्टल (सीएमआईएस) पर दर्ज 1 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 299 परियोजनाओं में से केवल 119 पूर्ण, 160 अपूर्ण तथा 13 योजनाएं अभी भी गंभीर रूप से विलंबित हैं।
जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान कहा कि यदि किसी विभाग को पोर्टल पर डेटा अपलोड करने में समस्या है तो वह सीधे अवगत कराएं, लेकिन इस बहाने रैंकिंग गिरने का कारण नहीं बनेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि काम हो रहा है, लेकिन उसका अद्यतन पोर्टल पर नहीं हो रहा। इससे छवि खराब हो रही है। अब यह स्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गाजियाबाद जैसे महत्वपूर्ण जिले की रैंकिंग में कोई भी विभाग खराब प्रदर्शन न करे यही सभी का लक्ष्य होना चाहिए। बैठक में एडीएम ई रणविजय सिंह, एडीएम एल/ए विवेक मिश्र, एडीएम सिटी विकास कश्यप, एडीएम एफ/आर सौरभ भट्ट, सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन, डीडीओ प्रज्ञा श्रीवास्तव, डीएसटीओ राजीव श्रीवास्तव, डीआईओ योगेंद्र प्रताप सिंह और सभी एसडीएम सहित संबंधित विभागों के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

















