गाजियाबाद बना ‘योगनगरी’ हर पार्क बना ध्यान, स्वास्थ्य और ऊर्जा का केंद्र

-योग दिवस पर नगर निगम की ऐतिहासिक पहल, सफाई मित्र से लेकर अधिकारी तक सभी योग के रंग में रंगे

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद अब केवल एनसीआर का हिस्सा नहीं, बल्कि ‘योग-संस्कृति’ का जीवंत प्रतीक बनता जा रहा है। नगर निगम द्वारा चलाई जा रही ‘हर पार्क, हर प्रात:, हर नागरिक – योगमय गाजियाबाद’ पहल ने शहर के शहरी जीवन को एक नई दिशा दी है। पार्कों में प्रतिदिन किया जाने वाला योग, अब केवल स्वास्थ्य अभ्यास नहीं बल्कि नागरिक जागरूकता और शहरी अनुशासन का प्रतीक बन गया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की दूरदृष्टि के चलते विश्व योग दिवस 2025 पर पूरे नगर निगम क्षेत्र में भव्य और व्यवस्थित योग कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई। नगर आयुक्त ने इस बार योग को केवल रस्म नहीं, बल्कि जन-आंदोलन का रूप देते हुए निर्देश जारी किए कि योग दिवस पर नगर निगम के पांचों ज़ोन में वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर सफाई मित्रों और माली भाइयों तक सभी सक्रिय रूप से योग सत्रों में भाग लें।

नगर निगम ने योग दिवस के पूर्व ही सभी प्रमुख पार्कों में विशेष सफाई, लाइटिंग, बैठने की व्यवस्था और निगरानी प्रणाली लागू कर दी थी। कवि नगर, वसुंधरा, वैशाली, इंदिरापुरम, राजनगर समेत 40+ बड़े पार्कों में प्रभात से पूर्व ही योग प्रशिक्षकों की उपस्थिति में नागरिकों ने सामूहिक योग कर दिन की शुरुआत की। वरिष्ठ नागरिक, महिला समूह, बच्चे और युवा सभी ने एक स्वर में योग को जीवनशैली का हिस्सा मानते हुए उत्साह से भाग लिया। अनेक स्थानों पर नगर निगम अधिकारियों ने स्वयं योग सत्रों का नेतृत्व किया, जिससे जनता में आत्मविश्वास और जुड़ाव की भावना और बढ़ी।

हर कर्मचारी, हर नागरिक- योग के लाभ से अछूता न रहे
नगर आयुक्त मलिक ने कहा कि गाजियाबाद में पार्क अब केवल सजावट के लिए नहीं, जनकल्याण के लिए विकसित किए जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि हर नागरिक, हर आयु वर्ग, हर विभाग योग से जुड़ कर एक स्वस्थ और जागरूक समाज की स्थापना करें। उन्होंने सफाई मित्रों व उद्यान कर्मियों को भी इस मुहिम से जोड़ते हुए कहा कि जो लोग शहर को साफ रखते हैं, उन्हें भी मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का पूरा अधिकार है। निगम उन्हें सिर्फ कर्मी नहीं, अपने परिवार का हिस्सा मानता है।

21 जून से आगे भी जारी रहेगा ‘योग सप्ताह’
नगर निगम ने घोषणा की कि 21 जून के योग दिवस को केवल एक दिन की क्रिया न मानते हुए, इसे ‘योग सप्ताह’ के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। इस दौरान हर ज़ोन में विशेष योग शिविर, ध्यान सत्र, पौष्टिक आहार कार्यशालाएं व बच्चों के लिए योग खेल आयोजित किए जाएंगे।