-इंटरलॉकिंग सड़कें उखाड़ी गईं, भूखंडों की बाउंड्रीवालें ढहाईं, मटियाला और दुहाई क्षेत्र में चला बुलडोजर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अनाधिकृत कॉलोनियों और अवैध निर्माण के खिलाफ अपने सख्त रुख को दोहराते हुए शुक्रवार को मटियाला और दुहाई क्षेत्र में बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई को अंजाम दिया। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के निर्देश पर प्रवर्तन जोन-3 के प्रभारी अधिशासी अभियंता योगेश पटेल के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया, जिसमें जीडीए पुलिस और मधुबन बापूधाम थाना पुलिस की मदद से चार बड़ी अनधिकृत कॉलोनियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई करीब 47 बीघा क्षेत्रफल में की गई, जहां पर अवैध रूप से कॉलोनियां काटी जा रही थीं। संजय चौधरी, अजय कुमार, संजीव चौधरी द्वारा दुहाई में खसरा संख्या-468 पर लगभग 5 बीघा में कॉलोनी विकसित की जा रही थी, जबकि मोहम्मद आबिद, मोहम्मद अतीक और इंद्रपाल द्वारा मटियाला गांव रोड पर जनहित इंस्टीट्यूट के सामने 21 बीघा क्षेत्रफल में अवैध निर्माण किया जा रहा था।
वहीं विजय चौधरी व गौरव सोलंकी द्वारा ग्राम मटियाला, डासना में 9000 वर्गमीटर में तथा अश्वनी चौधरी द्वारा खसरा संख्या-367 व 368 पर 12 बीघा क्षेत्रफल में अवैध कॉलोनियों का विकास किया जा रहा था। जीडीए टीम ने बुलडोजर चलाकर इन क्षेत्रों में बनी इंटरलॉकिंग सड़कों को उखाड़ दिया और भूखंडों की चारदीवारियों को ध्वस्त कर दिया। स्थानीय भूमाफिया और विकासकर्ताओं ने कार्रवाई का विरोध भी किया, लेकिन जीडीए पुलिस ने सख्ती से उन्हें मौके से हटाया। इसके साथ ही, गोविंदपुरम आई-171 में रोहित कुमार पुत्र रामवीर सिंह द्वारा बनाए जा रहे अवैध मकान और दुकान को सील कर दिया गया।
मौके पर मौजूद जीडीए अधिकारियों ने आमजन को चेतावनी दी कि वे अनाधिकृत कॉलोनियों में भूखंडों का क्रय-विक्रय न करें, वरना वे कानूनी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने का कहना है कि गाजियाबाद में अवैध निर्माण और अनधिकृत कॉलोनियों को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शहर को योजनाबद्ध और सुरक्षित विकास की दिशा में ले जाने के लिए जीडीए लगातार सख्त कदम उठा रहा है। जनहित में हम सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि केवल अधिकृत और स्वीकृत कॉलोनियों में ही निवेश करें।
















