-सीडीओ अभिनव गोपाल की अध्यक्षता में हुआ किसान दिवस आयोजन
-फार्मर रजिस्ट्री से लेकर नहर सफाई तक अधिकारियों को मिले स्पष्ट निर्देश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। विकास भवन स्थित दुर्गावती देवी सभागार में बुधवार को किसान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव गोपाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि कृषकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यक्रम की शुरुआत में उप कृषि निदेशक द्वारा पिछले किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों की स्थिति की सार्वजनिक रूप से समीक्षा की गई। कई शिकायतों के निस्तारण पर उपस्थित किसानों ने संतोष जताया, जबकि लंबित मामलों को लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे तत्काल निस्तारण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। सीडीओ ने किसानों से अपील की कि वे फार्मर रजिस्ट्री अवश्य कराएं। बताया गया कि रजिस्ट्री के लिए आधार कार्ड, खतौनी की प्रति और आधार से लिंक मोबाइल नंबर आवश्यक है।
शासन द्वारा यह कार्य एक माह में पूरा करने की समयसीमा तय की गई है। जिन किसानों की रजिस्ट्री नहीं होगी, उन्हें पीएम किसान सम्मान निधि की अगली किस्त से वंचित किया जा सकता है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि 31 अगस्त तक पशुओं का निशुल्क टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें चयनित स्थानीय टीकाकर्ता कार्यरत हैं। सीडीओ ने सभी पशुपालकों से अनुरोध किया कि वे अपने पशुओं का समय पर टीकाकरण अवश्य कराएं। नहरों की सिल्ट सफाई पर विशेष ध्यान देते हुए सीडीओ ने अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग को निर्देशित किया कि सफाई कार्य हेड से लेकर टेल तक समयबद्ध रूप से पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि इसकी समीक्षा प्रत्येक दो सप्ताह में की जाएगी।
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) ने अंश निर्धारण में पिछड़ रहे गांवों की पहचान कर तहसीलदारों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग से कैंप आयोजित कर अंश निर्धारण का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए। बैठक के दौरान भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष सहित कृषकों अरुण दहिया, प्रमोद कुमार त्यागी, राजेश चौधरी, सतेन्द्र तोमर आदि ने विद्युत विभाग, सिंचाई, गन्ना विभाग, पीडब्ल्यूडी आदि से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान आकृष्ट किया और प्रार्थना पत्र सौंपे। आयोजन में लगभग 100 कृषकों ने भाग लिया। साथ ही अपर नगर आयुक्त, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, विद्युत, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता तथा अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
















