– 100 प्रतिशत किसानों की सहमति से बना ऐतिहासिक रास्ता, दोगुना मुआवजा देकर जीडीए ने पेश की नई विकास नीति की मिसाल
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद अब केवल एनसीआर का हिस्सा नहीं, बल्कि विकास का नेतृत्व करने वाला शहर बनता जा रहा है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने वर्षों से लंबित उस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना की शुरुआत कर दी है, जो बंधा रोड को नूर नगर से जोड़ेगी। खास बात यह है कि यह परियोजना किसी विवाद या अधिग्रहण के बल पर नहीं, बल्कि सौ प्रतिशत किसानों की सहमति के साथ शुरू हुई है, जिसने गाजियाबाद को सहमति से विकास की राष्ट्रीय मिसाल बना दिया है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के नेतृत्व में इस परियोजना की नींव उस वक्त पक्की हुई जब प्रभावित किसानों ने आपसी समझौते से अपनी भूमि देने पर सहमति जताई। करीब 42 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में से 32 करोड़ रुपये केवल किसानों को मुआवजे के रूप में दिए जा रहे हैं, वह भी सर्किल रेट के दोगुने मूल्य पर। यह केवल सड़क निर्माण नहीं, बल्कि प्रशासन और जनता के सहयोग से गढ़ा गया विकास का एक मॉडल बन रहा है। 18 मीटर चौड़ी सड़क की लंबाई लगभग 750 मीटर और 24 मीटर चौड़ी सड़क की लंबाई लगभग 350 मीटर होगी।
प्राधिकरण ने मानसून से पहले मिट्टी भराई और संघनन का कार्य पूरा करने की योजना बनाई है ताकि बारिश के बाद पक्की सड़क का काम तेजी से शुरू हो सके। इससे क्षेत्र में यातायात की बेहतर सुविधा के साथ ही शहरी विस्तार, भूमि मूल्य वृद्धि और निवेश की नई संभावनाएं जन्म लेंगी। इस परियोजना के लिए जीडीए की भू-अर्जन और अभियंत्रण टीम पहले ही साइट पर टोटल स्टेशन सर्वे और पिलरिंग का काम पूरा कर चुकी है। अब निर्माण कार्य धरातल पर दिखने लगा है। यह सड़कें न सिर्फ ग्रामीण और शहरी क्षेत्र को आपस में जोड़ेंगी, बल्कि आसपास के इलाकों में रोजगार, व्यापार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में अहम भूमिका निभाएंगी।
जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि यह परियोजना क्षेत्र के सुनियोजित विकास, यातायात सुगमता और राजस्व वृद्धि की दिशा में निर्णायक कदम है। उन्होंने यह भी बताया कि इस परियोजना से प्राप्त राजस्व का उपयोग अन्य प्रमुख योजनाओं जैसे ‘हम-तुम रोड’, प्रस्तावित ‘कमिश्नरेट मार्ग’ और ‘सिकरोड विस्तार’ में किया जाएगा, जिन पर भी समान गति से काम जारी है। गाजियाबाद में यह पहली बार है जब किसी सड़क परियोजना को इतनी पारदर्शिता और पूर्ण सहमति से आगे बढ़ाया गया है। यह साबित करता है कि जब प्रशासन की इच्छाशक्ति और जनता का विश्वास एक साथ चलता है, तो विकास की राह न केवल आसान होती है, बल्कि स्थायी और सर्वहितकारी भी बन जाती है।
मानसून से पहले मिट्टी भराई और बेस तैयार
• 18 मीटर चौड़ी सड़क की लंबाई: 750 मीटर
• 24 मीटर चौड़ी सड़क की लंबाई: 350 मीटर
गौरतलब है कि जीडीए की भू-अर्जन और अभियंत्रण टीम ने निर्माण शुरू करने से पहले टोटल स्टेशन सर्वे (टीएसएस) और पिलरिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है। मिट्टी भराई और संघनन कार्य मानसून से पहले निपटाने की योजना है, ताकि बारिश के बाद पक्की सड़क का निर्माण बिना किसी देरी के शुरू हो सके।
अब बदलेगा नूर नगर का नक्शा, खुलेगा निवेश और आवागमन का नया द्वार
• बेहतर कनेक्टिविटी से जुड़ेंगे आसपास के गांव और शहरी बस्तियां
• प्रॉपर्टी वैल्यू और रियल एस्टेट को मिलेगा नया उछाल
• क्षेत्र में यातायात जाम और आवागमन की समस्याएं होंगी दूर
• औद्योगिक व आवासीय विकास की खुलेंगी नई राहें

जीडीए उपाध्यक्ष (वीसी)
यह परियोजना केवल सड़क निर्माण का कार्य नहीं है, बल्कि गाजियाबाद के सुनियोजित, समावेशी और सहमति आधारित विकास का प्रतीक है। बंधा रोड को नूर नगर से जोड़ने वाली सड़कें क्षेत्र की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करेंगी, जिससे न केवल यातायात में सुगमता आएगी, बल्कि आसपास के इलाकों में निवेश और व्यापार की नई संभावनाएं भी जन्म लेंगी। हमारे लिए यह गर्व की बात है कि किसानों ने बिना किसी विरोध के शत-प्रतिशत सहमति से भूमि दी है। यह प्रशासन और जनता के बीच भरोसे की मिसाल है। जीडीए इस विकास से प्राप्त राजस्व का इस्तेमाल हम-तुम रोड, प्रस्तावित कमिश्नरेट मार्ग और सिकरोड जैसे अन्य विकास कार्यों में करेगा, जिससे पूरे क्षेत्र में अधोसंरचना का समग्र विस्तार सुनिश्चित किया जा सकेगा। हमारा उद्देश्य है कि गाजियाबाद को केवल एक शहर नहीं, बल्कि उत्तर भारत में ‘सहमति से विकास’ का आदर्श केंद्र बनाया जाए।
अतुल वत्स
जीडीए उपाध्यक्ष (वीसी)

















